लखनऊ के मोहनलालगंज में करीब 7 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन की कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मोहनलालगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के इनामी पिता-पुत्र को रायबरेली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी एक रिश्तेदार के घर में ठहरे हुए थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सात करोड़ की जमीन को लेकर सामने आया फर्जीवाड़े का मामला
पुलिस के अनुसार, मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी निवासी राजेश जायसवाल उर्फ राजू पर इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। आरोप है कि उसने फर्जी किसान की मदद से सिसेंडी में करीब साढ़े तीन बीघे बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब सात करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, जमीन की रजिस्ट्री राजेश जायसवाल के बेटे अमन जायसवाल, महिला सन्नो खान और एक अन्य व्यक्ति के नाम कराई गई थी। मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू की।
शिकायत के बाद आठ लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा
सिसेंडी निवासी आशीष कुमार गुप्ता की शिकायत पर जुलाई में जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक के मुताबिक, राजेश जायसवाल, उसके बेटे अमन जायसवाल, सन्नो खान, कथित फर्जी किसान समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी थी। इसी क्रम में पुलिस ने कथित फर्जी किसान हीरालाल, निवासी आजमगढ़, को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मास्टरमाइंड पिता-पुत्र गिरफ्तारी से बचते रहे
मामले में कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद मुख्य आरोपी बताए जा रहे राजेश जायसवाल और उसका बेटा अमन जायसवाल फरार हो गए थे। दोनों की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन दोनों पुलिस के हाथ नहीं आ रहे थे।
फरार आरोपियों पर दबाव बढ़ाने के लिए डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने राजेश जायसवाल और अमन जायसवाल की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
रायबरेली में रिश्तेदार के घर से दोनों गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, रविवार को इस मामले में बड़ी सफलता मिली। प्रभारी निरीक्षक रामबाबू सिंह के नेतृत्व में मोहनलालगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीमों ने फरार चल रहे पिता-पुत्र की लोकेशन का पता लगाया।
इसके बाद टीम ने रायबरेली में एक रिश्तेदार के घर पर कार्रवाई करते हुए राजेश जायसवाल और उसके बेटे अमन जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दोनों को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपी जेल भेजे गए
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। अदालत ने दोनों को जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के साथ करीब सात करोड़ रुपये की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों तथा दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
राजेश जायसवाल पर 14, बेटे अमन पर तीन मुकदमे
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए राजेश जायसवाल के खिलाफ पहले से 14 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं उसके बेटे अमन जायसवाल के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
मोहनलालगंज पुलिस और एसओजी की इस संयुक्त कार्रवाई को जमीन फर्जीवाड़े के मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, आरोपों से जुड़े अंतिम तथ्य न्यायिक प्रक्रिया और मामले की आगे की जांच के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।
जमीन फर्जीवाड़े पर पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले में पुलिस की जांच का केंद्र करीब साढ़े तीन बीघे जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री, फर्जी किसान के इस्तेमाल और जमीन को कई लोगों के नाम दर्ज कराने से जुड़े आरोप हैं। पुलिस पहले ही कथित फर्जी किसान को गिरफ्तार कर चुकी थी और अब फरार चल रहे पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
