रांची, झारखंड
झारखंड में उग्रवाद और संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत रांची पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC ( Third Conference Presentation Committee) के सब-जोनल कमांडर अरविंद उर्फ वीरम राम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, वीरम राम पिछले करीब 15 सालों से राज्य के कई जिलों में सक्रिय था। वह कारोबारियों, ठेकेदारों, ईंट भट्ठा मालिकों और आम लोगों से रंगदारी वसूलता था। उसके खिलाफ 20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें गोलीबारी, आगजनी, लेवी वसूली और आर्म्स एक्ट जैसे आरोप शामिल हैं।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
रांची पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस पहुंची, आरोपी भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन जवानों ने उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कई वारदातों में अपनी संलिप्तता कबूल की है। उसने हाल ही में बुढ़मू इलाके में एक ईंट भट्ठा पर हुई फायरिंग में शामिल होने की भी बात मानी है।
हथियार भी बरामद
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक 9 एमएम पिस्टल, मैगजीन, 7 जिंदा गोलियां, दो राउटर और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
कई इलाकों में था सक्रिय
जांच में सामने आया है कि वीरम राम बुढ़मू, खलारी, कांके, पतरातू और मैक्लुस्कीगंज जैसे कई इलाकों में सक्रिय था। वह जमीन और कोयला कारोबार से जुड़े लोगों को धमकी देकर पैसे वसूलता था।
क्या है आगे का कदम?
पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश में जुटी है। इस गिरफ्तारी को इलाके में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

