ध्रुव राठी ने इंडिया गठबंधन की रैली को दिया समर्थन, बोले- ‘कांग्रेस से असहमति है, लेकिन लोकतंत्र के लिए साथ आना जरूरी’

नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी इस रैली को लेकर अपना समर्थन जाहिर किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

ध्रुव राठी ने अपने संदेश में साफ किया कि कांग्रेस से उनके वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे पर इन असहमतियों को प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर लोगों को एकजुट होकर अपनी बात रखनी चाहिए।

ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर की अपील

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को रात करीब 8:30 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो के जरिए उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले विरोध प्रदर्शन में लोगों से शामिल होने की अपील की।

उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अगला विरोध प्रदर्शन 1 नवंबर को होने वाला है। उन्होंने लोगों से इस रैली में बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए ‘जय हिंद’ का संदेश भी दिया।

‘जितने ज्यादा लोगों को साथ ला सकते हैं, रैली में पहुंचें’

अपने वीडियो संदेश में ध्रुव राठी ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में अगला विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस बार प्रदर्शन का आयोजन कांग्रेस की ओर से किया जा रहा है और इसके लिए जरूरी अनुमति भी मिल चुकी है। उन्होंने लोगों से बिना किसी चिंता के बड़ी संख्या में रैली में पहुंचने का आग्रह किया।

ध्रुव राठी ने अपने संदेश में कहा कि लोग जितने अधिक साथियों को इस प्रदर्शन में शामिल कर सकते हैं, उन्हें लेकर एक साथ पहुंचें। उनके मुताबिक, यह लड़ाई लोकतंत्र को बचाने से जुड़ी है और इसमें लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस से असहमति पर क्या बोले ध्रुव राठी?

ध्रुव राठी के बयान का सबसे चर्चित हिस्सा कांग्रेस के साथ वैचारिक मतभेदों को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विचारों से उनकी असहमति हो सकती है और रैली में शामिल होने वाले अन्य लोगों के भी अपने मतभेद हो सकते हैं। हालांकि, उनके अनुसार, इस समय इन छोटी-मोटी असहमतियों से ज्यादा महत्वपूर्ण लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर देश में लोकतंत्र ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो किसी राजनीतिक दल का समर्थन करने या उससे असहमत होने का कोई विशेष अर्थ नहीं रह जाएगा। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर होने से बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की।

‘देश को तानाशाही बनने से बचाना है’

अपने वीडियो में ध्रुव राठी ने लोकतंत्र और तानाशाही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश को तानाशाही बनने से बचाने की जरूरत है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

ध्रुव राठी की इस अपील के बाद 1 नवंबर को होने वाली रामलीला मैदान की रैली को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, रैली में कितने लोग शामिल होंगे और विभिन्न विपक्षी दलों की भागीदारी किस स्तर पर रहेगी, यह आयोजन के दिन ही स्पष्ट होगा।

1 नवंबर की रैली पर टिकी निगाहें

दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। ध्रुव राठी ने अपने वीडियो के माध्यम से लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उनके बयान में कांग्रेस के प्रति असहमति और लोकतंत्र के मुद्दे पर एकजुटता, दोनों बातें प्रमुखता से सामने आई हैं।

अब सभी की निगाहें 1 नवंबर को होने वाले इस कार्यक्रम पर हैं। रैली में विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों की कितनी भागीदारी रहती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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