होशियारपुर/मुकेरियां: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार, 26 सितंबर 2026 को पंजाब के होशियारपुर जिले के मुकेरियां पहुंचे। यहां उन्होंने ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत रोड शो और जनसभा में हिस्सा लिया। धामी ने पंजाब के लोगों, खासकर युवाओं से नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है।
मुकेरियां में रोड शो के दौरान युवाओं से खास अपील
मुकेरियां में आयोजित रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ सरकार या किसी एक संस्था तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने समाज के हर वर्ग से इस अभियान में भागीदारी की अपील की। धामी के मुताबिक, नशे से दूर रखने के लिए युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाया जाना जरूरी है।
धामी ने ‘नशा मुक्त पंजाब, नशा मुक्त भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता को समाज के हर हिस्से तक पहुंचाने की जरूरत है।
‘नशे का असर परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर भी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या को केवल किसी एक व्यक्ति की समस्या मानकर नहीं देखा जाना चाहिए। इसका प्रभाव परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति के साथ-साथ बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उनकी क्षमता और ऊर्जा का इस्तेमाल नशे की गिरफ्त में आने के बजाय शिक्षा, रोजगार, खेल, सामाजिक गतिविधियों और देश के विकास में होना चाहिए।
‘नशा मुक्त पंजाब’ अभियान में शामिल हुए धामी
धामी का यह दौरा भाजपा के ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह 13 दिवसीय अभियान 18 सितंबर को शुरू हुआ है और इसके तहत राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का कार्यक्रम रखा गया है। चार यात्राओं के जरिए करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना बताई गई है। अभियान का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।
मुकेरियां के अलावा धामी ने होशियारपुर जिले के दसूहा क्षेत्र में भी कार्यक्रमों को संबोधित किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने वहां भी पंजाब को नशामुक्त बनाने के अभियान को हर घर और व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही।
पंजाब की राजनीति में भी नशा बना बड़ा मुद्दा
धामी के पंजाब दौरे का मुख्य सार्वजनिक संदेश नशे के खिलाफ जागरूकता और जनभागीदारी रहा। हालांकि, अपने संबोधनों में उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी नशे के मुद्दे को लेकर आरोप लगाए हैं। ये राजनीतिक आरोप धामी और भाजपा की ओर से किए गए हैं।
पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की ओर से भी नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें नशा तस्करी पर कार्रवाई, रोकथाम, सामुदायिक भागीदारी और नशे से प्रभावित लोगों के उपचार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
युवाओं को केंद्र में रखकर नशामुक्ति का संदेश
मुकेरियां की जनसभा में धामी ने युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि युवा किसी भी देश और समाज की महत्वपूर्ण ताकत हैं और उनकी सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग विकास तथा राष्ट्र निर्माण में किया जाना चाहिए।
उन्होंने पंजाब के लोगों से नशे के खिलाफ जागरूकता को व्यापक जनभागीदारी का रूप देने की अपील की। धामी के इस दौरे में नशामुक्ति का सामाजिक संदेश और भाजपा के राज्यव्यापी अभियान—दोनों पहलू दिखाई दिए।
