खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: मध्यप्रदेश के कान्हा किसली घूमने निकले रायपुर और भिलाई के पांच दोस्तों का सफर शनिवार देर रात उस वक्त जानलेवा स्थिति में पहुंच गया, जब उनकी कार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के दनिया पुल पर उफनती नदी के तेज बहाव में फंसकर बह गई। पुल पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पहले ही कार सवारों को आगे जाने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन चेतावनी के बावजूद ड्राइवर ने स्टॉपर तोड़कर गाड़ी बाढ़ के पानी में उतार दी।
तेज बहाव के कारण कार कुछ ही देर में सड़क से खिसककर नदी के बीच जा पहुंची। कार में मौजूद पांचों दोस्तों ने किसी तरह एक पेड़ का सहारा लिया और 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलते ही गंडई थाना प्रभारी शिव शंकर गेदले पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। भारी बारिश, अंधेरे और तेज बहाव के बीच पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस ने किया था अलर्ट, लेकिन स्टॉपर तोड़कर आगे बढ़ी कार
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर से लगातार हो रही बारिश के कारण खैरागढ़-छुईखदान-गंडई यानी KCG जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की आशंका को देखते हुए दनिया पुल पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।
26 सितंबर की रात करीब 2:30 बजे रायपुर की ओर से एक स्विफ्ट डिजायर कार पुल के पास पहुंची। कार का नंबर CG 04 PV 5636 बताया गया है। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने चालक को पुल पार नहीं करने और आगे जाने से मना किया।
इसके बावजूद चालक ने कार आगे बढ़ा दी। पुलिस के मुताबिक, कार ने पुल पर लगाए गए स्टॉपर को टक्कर मार दी और बाढ़ के पानी वाले हिस्से में प्रवेश कर गई।
तेज बहाव ने कार को सड़क से खींचकर नदी के बीच पहुंचाया
जैसे ही कार पुल के उस हिस्से में पहुंची जहां पानी का बहाव तेज था, स्थिति अचानक बिगड़ गई। पानी के तेज बहाव ने कार को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते कार सड़क से बहकर नदी के बीच में जाकर फंस गई।
कार के नदी में फंसने के बाद उसमें बैठे पांचों दोस्त घबरा गए। आसपास अंधेरा था और बारिश भी लगातार हो रही थी। ऐसे हालात में बाहर निकलना बेहद जोखिम भरा था। सभी ने किसी तरह एक पेड़ का सहारा लिया और तुरंत 112 पर फोन करके मदद मांगी।
अंधेरे और बारिश के बीच पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू
112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद गंडई थाना प्रभारी शिव शंकर गेदले के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची।
रात का समय होने के साथ तेज बारिश और नदी के बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने सावधानी से अभियान शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने एक-एक करके पांचों कार सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद सभी पांचों लोगों को कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, गंडई ले जाया गया। वहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। पुलिस के अनुसार, सभी की हालत सुरक्षित है।
कान्हा किसली घूमने निकले थे पांचों दोस्त
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि पांचों दोस्त मध्यप्रदेश के कान्हा किसली घूमने के लिए निकले थे। कार कुबेर साहू चला रहे थे।
रेस्क्यू किए गए लोगों में कमलेश साहू (25), कुबेर साहू (25) और निहाल सक्सेना (21) शामिल हैं। तीनों रायपुर के गुढ़ियारी इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।
वहीं महक कौर (21) भिलाई के कैंप-2, पावर हाउस की रहने वाली हैं, जबकि प्रीति रात्रे (20) कैंप-1, रामनगर भिलाई की निवासी हैं।
पुलिस की सतर्कता और समय पर रेस्क्यू से टला बड़ा हादसा
दनिया पुल पर पहले से पुलिस बल की तैनाती और जवानों की चेतावनी के बावजूद कार के बाढ़ के पानी में जाने से स्थिति गंभीर हो गई थी। कार के नदी के बीच फंसने के बाद अगर समय पर पुलिस टीम नहीं पहुंचती तो पांचों दोस्तों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
भारी बारिश और रात के अंधेरे के बीच पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद पुलिस ने नदी, पुल और बाढ़ प्रभावित रास्तों पर चेतावनी को नजरअंदाज न करने की अपील की है, क्योंकि तेज बहाव में कुछ ही सेकंड में वाहन का नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो सकता है।
