Bangladeshi Women Trafficking Case: बांग्लादेश से चार युवतियों को कथित तौर पर अवैध तरीके से भारत लाने के मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही एक बड़े नेटवर्क के जम्मू कनेक्शन का पता चला है। ग्वालियर में रेलवे पुलिस द्वारा पकड़ी गई चार युवतियों से पूछताछ में सामने आया है कि इसी नेटवर्क के जरिए इससे पहले तीन युवतियों को जम्मू तक पहुंचाया गया था। करीब तीन सप्ताह पहले हुई इस गतिविधि के बाद गिरोह ने कथित तौर पर चार और युवतियों को भारत लाने की कोशिश की, लेकिन इस बार पुलिस की कार्रवाई में पूरा मामला सामने आ गया।
पूछताछ में सामने आए मोहम्मद अली, हसन और मोबीन के नाम
जांच के दौरान पुलिस के सामने मोहम्मद अली, हसन और मोबीन के नाम सामने आए हैं। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस इस नेटवर्क के अलग-अलग संपर्कों को जोड़ने में जुटी है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मोहम्मद अली बांग्लादेश के कॉक्स बाजार क्षेत्र से युवतियों को भारत लाने की व्यवस्था करता था। भारत में प्रवेश के बाद उन्हें जम्मू में रहने वाले आदिल नामक व्यक्ति तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और युवतियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की व्यवस्था कैसे की जाती थी।
पहले तीन युवतियों को जम्मू पहुंचाने में सफल रहा नेटवर्क
जांच में पता चला है कि कथित नेटवर्क ने पहले तीन युवतियों को जम्मू तक पहुंचाने में सफलता हासिल की थी। इसके लगभग तीन सप्ताह बाद चार और युवतियों को भारत लाने की कोशिश की गई।
इस बार ग्वालियर में रेलवे पुलिस की कार्रवाई के दौरान चार युवतियों समेत छह लोगों को पकड़ा गया। पहली खेप के बारे में जानकारी सामने आने के बाद जांच का दायरा अब ग्वालियर से बढ़कर जम्मू और बांग्लादेश तक पहुंच गया है।
पहली खेप की तीन युवतियां अब कहां हैं?
जांच अधिकारियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल पहली खेप में जम्मू पहुंचाई गई तीन युवतियों को लेकर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे इस समय कहां हैं और उन्हें जम्मू में किस व्यक्ति या समूह ने रिसीव किया था।
जांच एजेंसियां उन ठिकानों और संपर्कों की जानकारी भी जुटा रही हैं, जिनके माध्यम से इन युवतियों को जम्मू तक पहुंचाया गया। इसके अलावा यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जम्मू पहुंचने के बाद उन्हें किन लोगों के संपर्क में लाया गया और उनके लिए आगे क्या व्यवस्था की गई थी।
शादी कराने के नाम पर भारत लाने का दावा, पुलिस कर रही सत्यापन
पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने दावा किया है कि युवतियों को उनके परिवार की सहमति से भारत लाया गया था और उद्देश्य शादी कराना था। हालांकि पुलिस इस दावे को अभी अंतिम रूप से स्वीकार नहीं कर रही है और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी जानना चाहती हैं कि यदि परिवार की सहमति से युवतियों को भारत लाया जा रहा था, तो उनके भारत आने के लिए वैध प्रक्रिया का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। सीमा पार करने और भारत में प्रवेश से जुड़े पूरे घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि शादी का प्रस्ताव एक माध्यम के तौर पर इस्तेमाल करके युवतियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही हो सकती है। इसी वजह से जांच अब सिर्फ ग्वालियर में पकड़े गए आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश से लेकर जम्मू तक के संपर्कों को खंगाला जा रहा है।
भाषा की बाधा बनी पूछताछ में बड़ी चुनौती
मामले की जांच में भाषा भी एक बड़ी चुनौती बन गई है। चारों युवतियां बांग्ला भाषा बोलती हैं और पुलिस अधिकारियों को विस्तृत पूछताछ के लिए अनुवादक की आवश्यकता है।
सोमवार को पर्याप्त अनुवादक उपलब्ध नहीं होने के कारण युवतियों से विस्तृत जानकारी हासिल नहीं की जा सकी। पुलिस यह जानना चाहती है कि बांग्लादेश में वे किस स्थान पर रहती थीं, उनसे भारत आने के लिए किसने संपर्क किया और भारत पहुंचने के बाद उन्हें किन लोगों के हवाले किया जाना था।
अब जांच टीम बांग्ला भाषा समझने वाले स्थानीय अनुवादक की मदद लेने की तैयारी कर रही है, ताकि युवतियों के बयान विस्तार से दर्ज किए जा सकें और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को समझा जा सके।
आईबी और इंटेलिजेंस टीम भी ग्वालियर पहुंची
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और अन्य खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, चार सदस्यीय आईबी और इंटेलिजेंस टीम ग्वालियर पहुंची और युवतियों से जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।
हालांकि, भाषा संबंधी समस्या के कारण टीम भी विस्तृत पूछताछ नहीं कर सकी। अब खुफिया एजेंसियां उन संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं, जिनके माध्यम से बांग्लादेश से भारत और फिर जम्मू तक युवतियों को पहुंचाए जाने का कथित नेटवर्क संचालित हो रहा था।
जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि इस नेटवर्क में केवल स्थानीय स्तर के लोग शामिल हैं या इसके तार सीमा पार मौजूद अन्य लोगों से भी जुड़े हैं।
चार युवतियों में दो के नाबालिग होने की जानकारी
रविवार को जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए चार विदेशी युवतियों सहित कुल छह लोगों को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार, युवतियों को शादी कराने के उद्देश्य से बांग्लादेश से भारत लाए जाने की बात सामने आई है।
जांच के दौरान चारों युवतियों में से दो के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई है। उम्र से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों का पुलिस स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। फिलहाल चारों युवतियों को शेल्टर होम में रखा गया है।
बांग्लादेश से जम्मू तक नेटवर्क की जांच तेज
ग्वालियर में हुई कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसियों का फोकस कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी पर है। पुलिस बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से लेकर भारत में प्रवेश, ग्वालियर, जम्मू और वहां मौजूद संपर्कों की जानकारी जोड़ने में जुटी है।
पहले तीन युवतियों को जम्मू तक पहुंचाए जाने की जानकारी ने जांच को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पहली खेप में शामिल युवतियां कहां हैं, उन्हें किसने रिसीव किया और क्या दोनों मामलों में वही नेटवर्क सक्रिय था।
फिलहाल मामले में पूछताछ, दस्तावेजों की जांच, युवतियों की पहचान और उम्र का सत्यापन तथा कथित मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस नेटवर्क का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
