Lohardaga जिले के सदर प्रखंड के बाधा नवाटोली गांव में बनने वाले पुल को लेकर विवाद बढ़ गया है। ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल की ओर से यहां करीब 5.5 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाने की योजना शुरू की गई है। लेकिन गांव के लोग इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां पुल बनाया जा रहा है, वहां तक पहुंचने के लिए सही सड़क ही नहीं है। उनका सवाल है कि जब सड़क नहीं है, तो पुल बनाने का क्या फायदा होगा। लोगों के विरोध के कारण निर्माण कार्य फिलहाल बंद हो गया है।
यह योजना वर्ष 2025-26 के तहत स्वीकृत हुई है और इसे पूरा करने के लिए 24 महीने का समय तय किया गया है। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराया था, लेकिन काम शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध कर दिया।
गांव वालों का कहना है कि पुल के आगे जंगल क्षेत्र शुरू हो जाता है। वहां सड़क बनाने के लिए वन विभाग की अनुमति जरूरी होगी। बिना अनुमति और बिना पूरी योजना के पुल निर्माण करना सरकारी पैसे की बर्बादी हो सकती है।
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि पहले सड़क निर्माण की मंजूरी और योजना स्पष्ट की जाए, उसके बाद ही पुल का काम शुरू होना चाहिए। उनका कहना है कि अगर सड़क ही नहीं बनेगी, तो पुल का उपयोग भी नहीं हो पाएगा।
इस मामले में विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि बिना पूरी जांच और जमीन का सही निरीक्षण किए ही योजना शुरू कर दी गई। विभाग पहले भी कई मामलों में विवादों में रह चुका है।
विभाग के कनीय अभियंता Abhay Ranjan ने बताया कि यह योजना स्थानीय विधायक की सिफारिश पर स्वीकृत हुई थी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फिलहाल गांव के लोग सड़क की मांग पर अड़े हुए हैं और पुल निर्माण का काम रुका हुआ है। आने वाले समय में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद ही इस योजना पर आगे फैसला हो सकेगा।
