मुंगेली सरपंच चुनाव हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: 8-9 वोटों से हार का बदला लेने 1.20 लाख की दी सुपारी, तुलसी साहू की हत्या में 5 गिरफ्तार

Mungeli Murder Case: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरपंच चुनाव की हार की रंजिश ने एक व्यक्ति की जान ले ली। वर्ष 2025 में चुनाव हारने के बाद कथित तौर पर रची गई हत्या की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, तुलसी साहू की हत्या के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सुपारी तय की गई थी। पहले उनका अपहरण किया गया और फिर पंप हाउस में ले जाकर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया, ताकि अपराध के सबूत छिपाए जा सकें। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

सरपंच चुनाव में महज 8-9 वोटों से हार बना हत्या की वजह

पुलिस की जांच में सामने आया कि मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पेण्ड्री ‘स’ निवासी धनीराम साहू ने वर्ष 2025 में सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उसे करीब 8 से 9 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। मृतक तुलसी साहू उस चुनाव में मतगणना अभिकर्ता के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी धनीराम साहू को शक था कि तुलसी साहू ने जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाए थे। आरोपी का मानना था कि इसी वजह से उसे चुनाव में हार मिली। इस संदेह और चुनावी रंजिश ने उसके मन में तुलसी साहू के प्रति दुश्मनी पैदा कर दी। इसी के बाद कथित तौर पर तुलसी साहू की हत्या की साजिश रची गई।

1.20 लाख रुपये में तय हुई हत्या की सुपारी, 70 हजार एडवांस दिए

पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए धनीराम साहू ने ओमनारायण राजपूत के माध्यम से सुपारी तय की थी। तुलसी साहू की हत्या के बदले कुल 1 लाख 20 हजार रुपये देने की बात हुई थी। इस साजिश में शामिल लोगों को मृतक की पहचान, उसके घर और रोजाना आने-जाने के रास्तों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई थी।

पुलिस जांच में पता चला कि तय रकम में से 70 हजार रुपये एडवांस के रूप में दिए गए थे। वहीं, बाकी रकम में से 10 हजार रुपये आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस रकम को भी मामले से जुड़े अहम साक्ष्य के तौर पर जब्त किया है।

रास्ते से किया अपहरण, पंप हाउस में गला घोंटकर हत्या

पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 की शाम तुलसी साहू मोटरसाइकिल से अपने घर से निकले थे। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और जबरन कार में बैठाकर उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद उन्हें सरगांव के नजदीक स्थित एक पंप हाउस में ले जाया गया।

आरोप है कि पंप हाउस पहुंचने के बाद तुलसी साहू के हाथ-पैर बांध दिए गए और गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को मोटरसाइकिल से ले जाकर सड़क किनारे कीचड़ और झाड़ियों में फेंक दिया। उनका मकसद वारदात को छिपाना और पुलिस को गुमराह करना था।

हत्या के बाद सबूत मिटाने की भी रची गई साजिश

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने वारदात से जुड़े साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। मृतक के जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास स्थित पोल्ट्री फार्म के पीछे छिपा दिया गया था। वहीं, मोबाइल फोन को घटनास्थल से दूर फेंक दिया गया।

इतना ही नहीं, आरोपियों ने मृतक का गमछा जलाकर सबूत नष्ट करने का प्रयास भी किया। पुलिस जांच में चुनावी धांधली स्वीकार करने से संबंधित शपथ पत्र तैयार कराने और हत्या से पहले तुलसी साहू का वीडियो बनाने की बात भी सामने आई है। इन सभी तथ्यों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है।

तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से खुली हत्या की गुत्थी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में साइबर सेल और सरगांव पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को मृतक की मोटरसाइकिल उनके घर से करीब दो किलोमीटर दूर मिली। वहीं, शव मोटरसाइकिल मिलने की जगह से लगभग 700 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ था। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, मृतक की आवाजाही और संदिग्धों की गतिविधियों का तकनीकी तथा परिस्थितिजन्य विश्लेषण किया। इसी जांच के आधार पर पुलिस कथित हत्या की साजिश तक पहुंची और पूरे मामले का खुलासा किया।

तुलसी साहू हत्याकांड में पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम और उम्र इस प्रकार हैं:

  1. धनीराम साहू (40 वर्ष)
  2. भुवन साहू (28 वर्ष)
  3. ओमनारायण राजपूत (25 वर्ष)
  4. सुरेंद्र जोशी (25 वर्ष)
  5. टीकाराम साहू (53 वर्ष)

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण वस्तुएं जब्त की हैं। इनमें पंप हाउस के कटे हुए तार, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, घटना से संबंधित वीडियो, मोटरसाइकिल, निशान कार और सुपारी की शेष 10 हजार रुपये की रकम शामिल है।

सभी पांच आरोपियों को 30 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश और आगे की जांच जारी है।

एसएसपी ने सरगांव पुलिस और साइबर सेल की सराहना की

मुंगेली के इस हत्याकांड का खुलासा करने में सरगांव पुलिस और साइबर सेल की अहम भूमिका रही। मामले की गंभीरता से जांच और बेहतर पुलिसिंग के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने एसडीओपी हरविंदर सिंह और थाना प्रभारी अशोक यादव की सराहना की।

वहीं, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने हत्याकांड का खुलासा करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

चंद वोटों की हार, हत्या की साजिश और पांच गिरफ्तारियां

मुंगेली का यह मामला पंचायत चुनाव के दौरान पैदा हुई कथित राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के गंभीर परिणामों को सामने लाता है। पुलिस जांच के मुताबिक, सरपंच चुनाव में महज 8-9 वोटों से मिली हार के बाद तुलसी साहू को चुनावी नतीजे के लिए जिम्मेदार मानते हुए उनकी हत्या की साजिश रची गई। इसके लिए 1.20 लाख रुपये की सुपारी तय की गई और कथित तौर पर अपहरण से लेकर हत्या तथा सबूत मिटाने तक की योजना बनाई गई।

फिलहाल पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है। अब पुलिस की जांच का अगला पहलू इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम से जुड़े बाकी तथ्यों को सामने लाना होगा।

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