साइबर फ्रॉड शिकायतों के लिए नया सिस्टम लागू

रांची, झारखंड

झारखंड में अब साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़ी शिकायतों का जल्दी निपटारा किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए नया सिस्टम लागू किया है। सरकार ने सूचना तकनीक एवं ई-गवर्नेंस विभाग के सचिव को एडजुडिकेटिंग ऑफिसर बनाया है, जो इन मामलों की सुनवाई और समाधान करेंगे।

यह फैसला झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है। सूचना तकनीक अधिनियम 2000 के सेक्शन 46 के तहत अब शिकायत दर्ज करने और सुनवाई के लिए एक नई SOP यानी मानक प्रक्रिया लागू कर दी गई है। इस SOP को मुख्यमंत्री की मंजूरी भी मिल चुकी है और कानूनी जांच के बाद इसे लागू किया गया है।

सरकार का कहना है कि इससे साइबर फ्रॉड मामलों का पारदर्शी और आसान तरीके से निपटारा होगा। इससे आम लोग, बिजनेस करने वाले लोग और सरकारी संस्थाएं भी आसानी से शिकायत दर्ज कर पाएंगे।

नई व्यवस्था के तहत पांच करोड़ रुपये तक के नुकसान या मुआवजे वाले मामलों की सुनवाई एडजुडिकेटिंग ऑफिसर करेंगे।

शिकायत दर्ज करने के लिए FORA सिस्टम अपनाया जाएगा। इसका मतलब है Filing, Objection, Registration और Allocation Process। लोग अपनी शिकायत ऑनलाइन या मैनुअल दोनों तरीके से जमा कर सकेंगे।

शिकायत तय फॉर्मेट में देनी होगी। इसके साथ जरूरी दस्तावेज, शपथपत्र, पता और संपर्क जानकारी भी देनी होगी। शुल्क ऑनलाइन, चालान या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए जमा किया जा सकेगा।

शिकायत मिलने के बाद विभाग का अधिकारी उसकी शुरुआती जांच करेगा। अगर आवेदन सही पाया गया तो उसे रजिस्टर किया जाएगा और शिकायतकर्ता को यूनिक केस नंबर दिया जाएगा। अगर आवेदन अधूरा हुआ तो उसे सुधार के लिए वापस भेजा जा सकता है या रद्द भी किया जा सकता है।

इसके बाद आरोपी पक्ष को नोटिस भेजा जाएगा और उसे जवाब देने का मौका मिलेगा। शिकायतकर्ता भी अपना जवाब और अतिरिक्त दस्तावेज जमा कर सकेगा।

सुनवाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से हो सकेगी। इसमें दस्तावेज, तकनीकी रिकॉर्ड और गवाह भी पेश किए जा सकेंगे। पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।

सुनवाई पूरी होने के बाद एडजुडिकेटिंग ऑफिसर मामले के तकनीकी, कानूनी और आर्थिक पहलुओं की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी। इसके बाद लिखित आदेश जारी होगा और उसे विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस नए सिस्टम से लोगों का डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन लेनदेन पर भरोसा और मजबूत होगा।

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