झारखंड में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और सीमित आपूर्ति के कारण हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। राजधानी रांची से लेकर धनबाद, जमशेदपुर, गिरिडीह, देवघर, लातेहार, चाईबासा और रामगढ़ तक पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार को भारी भीड़ देखने को मिली। कई जगहों पर सुबह से ही वाहन चालकों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी परेशानी
हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद पेट्रोल कई जिलों में 100 रुपए से ऊपर पहुंच गया है, जबकि डीजल भी 95 रुपए के करीब बिक रहा है।
कीमत बढ़ने के साथ ही कई पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ईंधन देने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। कई जगहों पर बाइक चालकों को केवल 100 से 300 रुपए तक का पेट्रोल और कार चालकों को 500 से 1000 रुपए तक का ही ईंधन दिया जा रहा है।

आपूर्ति में कमी से बिगड़े हालात
तेल कंपनियों द्वारा मांग की तुलना में करीब 30% कम आपूर्ति किए जाने की बात सामने आई है। इसी कारण कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक जल्दी खत्म हो रहा है। रांची में भी दर्जनों पंप ड्राई हो गए, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
कई पंप संचालकों का कहना है कि सीमित स्टॉक के कारण सभी ग्राहकों को थोड़ा-थोड़ा ईंधन दिया जा रहा है ताकि ज्यादा लोगों की जरूरत पूरी हो सके।

जिलों में अलग-अलग स्थिति
धनबाद में सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई। लोगों को देर रात से लाइन में लगना पड़ रहा है। वहीं जमशेदपुर में कई पंप बंद रहे और खुले पंपों पर सुबह 4 बजे से कतारें लगी रहीं।
गिरिडीह में स्थिति और गंभीर रही, जहां कई पंपों पर तेल खत्म हो गया और उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। देवघर में भी कीमत बढ़ने और सीमित आपूर्ति के कारण लंबी कतारें लगीं।
लातेहार और चाईबासा में लोगों को तय सीमा के अनुसार ही पेट्रोल दिया जा रहा है, जिससे बार-बार पंप पर जाना पड़ रहा है।
अफवाहों से बढ़ी भीड़
पेट्रोल की संभावित कमी को लेकर फैली अफवाहों ने भी भीड़ बढ़ा दी है। पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। उनका कहना है कि सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रशासन की निगरानी और राहत की कोशिश
कई जगहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपूर्ति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
कीमतों में बढ़ोतरी और सीमित सप्लाई ने झारखंड में पेट्रोल-डीजल संकट जैसी स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि अधिकारी और डीलर इसे अस्थायी समस्या बता रहे हैं, लेकिन फिलहाल आम लोगों को लंबी कतारों और सीमित ईंधन की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
