Bhopal MANIT Food Poisoning: मेस का खाना खाने से 40 छात्र बीमार, शारदा अस्पताल में भर्ती; बिना लाइसेंस चल रही थी मेस

भोपाल MANIT News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) में मेस के भोजन की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हॉस्टल में खाना खाने के बाद करीब 40 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। विद्यार्थियों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने और फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखाई देने के बाद शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मेस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मेस के संचालन में कई अनियमितताएं सामने आईं। सबसे गंभीर बात यह है कि मेस बिना खाद्य कारोबार लाइसेंस के संचालित हो रही थी। विभाग ने खाद्य पदार्थों के सात नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

MANIT भोपाल में मेस का खाना खाने के बाद 40 छात्र बीमार

भोपाल के MANIT में विद्यार्थियों की तबीयत खराब होने का मामला एक बार फिर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, हॉस्टल नंबर 10 के सीडी ब्लॉक में शुक्रवार रात मेस का भोजन करने के बाद करीब 40 विद्यार्थियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। छात्रों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई और उनमें फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद सभी प्रभावित विद्यार्थियों को उपचार के लिए शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गौरतलब है कि MANIT में मेस के भोजन को लेकर पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। करीब तीन महीने पहले जुलाई में भी संस्थान के हॉस्टलों में खाना खाने के बाद विद्यार्थी बीमार हुए थे। अब एक बार फिर बड़ी संख्या में छात्रों की तबीयत बिगड़ने से हॉस्टल के भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मेस का किया निरीक्षण

विद्यार्थियों के बीमार होने की शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शनिवार को हॉस्टल की मेस का निरीक्षण किया। टीम ने भोजन तैयार करने की व्यवस्था, खाद्य पदार्थों के भंडारण और खाद्य सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की विस्तार से जांच की।

निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए कुल सात नमूने एकत्र किए गए। इनमें तीन विधिक नमूने और चार सर्विलांस नमूने शामिल हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अब खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रयोगशाला से मिलने वाली रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

उड़द दाल से लेकर चावल तक के सात नमूने जांच के लिए भेजे गए

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मेस में इस्तेमाल किए जा रहे अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।

विधिक नमूनों में उड़द दाल, मूंगफली दाना और मोटी सेवई शामिल हैं। वहीं, सर्विलांस के तहत चना दाल, छोला, चावल और अरहर दाल के नमूने लिए गए हैं। कुल सात नमूनों को प्रयोगशाला भेजकर जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इन नमूनों की रिपोर्ट से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी मिलने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण में पाई गई कमियों और प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बिना लाइसेंस के चल रही थी MANIT की मेस, निरीक्षण में मिलीं कई अनियमितताएं

MANIT के हॉस्टल की मेस में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को कई अनियमितताएं मिलीं। जांच में सामने आया कि मेस का संचालन खाद्य कारोबार लाइसेंस के बिना किया जा रहा था।

इसके अलावा, मेस के कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं कराए गए। पेस्ट कंट्रोल कार्यक्रम से संबंधित दस्तावेज और फास्टेक (FoSTaC) प्रशिक्षण से जुड़े अभिलेख भी टीम को नहीं मिले।

खाद्य पदार्थ तैयार करने और परोसने वाली जगहों पर खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेजों का उपलब्ध नहीं होना मेस की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, खाद्य पदार्थों में किसी विशेष गड़बड़ी या बीमारी के वास्तविक कारण की पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट और संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।

जुलाई 2026 में भी बीमार हुए थे MANIT के विद्यार्थी

MANIT भोपाल में विद्यार्थियों के बीमार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 17 जुलाई 2026 को संस्थान के हॉस्टल नंबर 9 और 11 की मेस में भोजन करने के बाद विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई थी।

उस समय भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच की थी और निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने की जानकारी दी गई थी। खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए थे। अब दोबारा इसी तरह की घटना सामने आने के बाद पहले की जांच और उस पर हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

अप्रैल 2025 में भी 15 छात्र हुए थे बीमार

MANIT में मेस के भोजन से जुड़ी शिकायतों का सिलसिला इससे पहले भी सामने आ चुका है। 13 अप्रैल 2025 को संस्थान के हॉस्टल नंबर चार में भोजन करने के बाद करीब 15 छात्र बीमार पड़ गए थे।

उस मामले में भी संबंधित टीमों ने जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने की बात कही थी। इसके बावजूद अब एक बार फिर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने की घटना ने भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पिछली जांच के बाद कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

MANIT में पहले हुई घटनाओं के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे थे। उस समय भी नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करने की बात कही गई थी।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछली जांच की रिपोर्ट आने और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब नई घटना के बाद एक बार फिर प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि पहले सामने आई अनियमितताओं पर क्या कदम उठाए गए थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी।

भोपाल के कन्या हॉस्टल के भोजन में भी इल्लियां मिलने की शिकायत

इधर, भोपाल के पंचशील नगर स्थित अनुसूचित जाति कन्या कॉलेज के हॉस्टल में भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आई है। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें परोसे जाने वाले दाल-चावल में इल्लियां मिलीं। इसके अलावा, पानी वाली सब्जी परोसने और रसोई में गंदगी रहने की शिकायत भी की गई है।

छात्राओं के अनुसार, हॉस्टल में वार्डन नहीं होने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ पानी, बिजली, वाशरूम और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने अपनी समस्याएं उठाईं।

छात्राओं ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के कार्यालय का किया घेराव

हॉस्टल की समस्याओं को लेकर अजाक्स युवा छात्रसंघ के अध्यक्ष लक्ष्य भारतीय के नेतृत्व में छात्राओं ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता सुधारने, रसोई की साफ-सफाई सुनिश्चित करने और हॉस्टल की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई।

छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर कर्मचारियों की ओर से उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। मामले को लेकर सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य ने समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। वहीं, छात्रसंघ ने चेतावनी दी कि यदि समस्याएं दूर नहीं की गईं तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने क्या कहा?

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के अनुसार, MANIT की मेस से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने पंचशील नगर स्थित अनुसूचित जाति कन्या कॉलेज के हॉस्टल में भोजन में इल्लियां मिलने की शिकायत पर भी संज्ञान लेने की बात कही। अधिकारी के मुताबिक, इस मामले में टीम भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट का भी इंतजार

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि MANIT में पानी के नमूने भी लिए गए हैं। टीम की ओर से सर्विलांस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पानी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल MANIT में विद्यार्थियों के बीमार होने के मामले में खाद्य पदार्थों और पानी की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन या पानी की गुणवत्ता में किसी तरह की गड़बड़ी थी या नहीं।

MANIT Food Poisoning Case: जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

MANIT भोपाल में करीब 40 विद्यार्थियों के बीमार होने की घटना ने हॉस्टल मेस की निगरानी, भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना लाइसेंस मेस संचालन, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होना और खाद्य सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों की कमी जैसे बिंदुओं पर विभाग की जांच महत्वपूर्ण है।

अब विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की नजर खाद्य पदार्थों और पानी की जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट के आधार पर विभाग क्या कार्रवाई करता है और हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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