Delhi Delivery Boy Death Case: दिल्ली के पूर्वी इलाके से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां 10 रुपये के कथित फटे नोट को स्वीकार करने से इनकार करने पर हुए विवाद के बाद एक डिलीवरी बॉय की मौत हो गई। मृतक की पहचान समीर हुसैन के रूप में हुई है, जो साइकिल से घर-घर सामान पहुंचाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। आरोप है कि नोट लेने से मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे आहत होकर उसने 5 अक्टूबर को जहरीला पदार्थ पी लिया। एलबीएस अस्पताल में 16 दिनों तक इलाज चलने के बाद 20 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में खुदकुशी के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी रामपाल चौधरी और उसके बेटे राकेश चौधरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को समीर के मोबाइल फोन में घटना से जुड़े कई वीडियो भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
10 रुपये के फटे नोट को लेकर शुरू हुआ विवाद, डिलीवरी बॉय से मारपीट का आरोप
समीर हुसैन दिल्ली के खिचड़ीपुर गांव में अपने परिवार के साथ रहता था। उसके परिवार में पिता जाकिर हुसैन समेत कई सदस्य हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां उठाने के लिए समीर फ्लिपकार्ट में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। वह साइकिल से ग्राहकों तक सामान पहुंचाता था।
मामले के अनुसार, 4 अक्टूबर की रात करीब 150 रुपये के कॉफी पैकेट की डिलीवरी करने के लिए समीर खिचड़ीपुर की गली नंबर-3 स्थित रामपाल चौधरी के घर पहुंचा था। बताया गया है कि भुगतान के दौरान ग्राहक ने उसे 10 रुपये का एक फटा हुआ नोट दिया। कंपनी के नियमों के मुताबिक, डिलीवरी के भुगतान में फटा हुआ नोट स्वीकार नहीं किया जाना था। इसी वजह से समीर ने नोट लेने से इनकार कर दिया।
आरोप है कि इसके बाद रामपाल चौधरी ने समीर के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और अपने बेटे राकेश चौधरी को भी बुला लिया। समीर के मोबाइल में बनाए गए वीडियो के अनुसार, इसके बाद पिता-पुत्र ने उसके साथ मारपीट की। किसी तरह वहां से निकलने के बाद समीर ने रात करीब 12 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी।
पुलिस ने अस्पताल में कराई मेडिकल जांच, पहले मारपीट का मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने समीर को एलबीएस अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजा था। शुरुआती कार्रवाई में मारपीट और चोट पहुंचाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद समीर की मौत होने पर मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
परिवार के लिए कमाई करने वाले समीर के साथ हुई कथित मारपीट और उसके बाद की घटनाओं की जांच अब पुलिस कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार था।
5 अक्टूबर को पार्क में वीडियो बनाया, फिर पी लिया जहरीला पदार्थ
समीर ने 5 अक्टूबर को एक पार्क में बैठकर अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया था। वीडियो में वह अपने साथ हुई घटना का जिक्र करता दिखाई देता है। बताया गया है कि उसने वीडियो में मारपीट के बाद अपनी पीड़ा और मानसिक परेशानी के बारे में बात की।
वीडियो में समीर ने अपनी आर्थिक स्थिति और मेहनत-मजदूरी करके परिवार चलाने की मजबूरी का भी जिक्र किया। उसने कहा कि उसके पास मेहनत करने के अलावा और कुछ नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, उसने यह भी आरोप लगाया कि एक बुजुर्ग ने उसे गरीब कहकर उसकी परिस्थितियों का मजाक उड़ाया था। समीर ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उसने जिंदगी में देख लिया है कि कोई किसी का साथ नहीं देता।
वीडियो बनाने के दौरान समीर ने अपने बैग से जहरीला पदार्थ निकाला और उसे पी लिया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उसके इस कदम के पीछे की परिस्थितियों और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
16 दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष, 20 अक्टूबर को अस्पताल में मौत
जहरीला पदार्थ पीने के बाद समीर को इलाज के लिए एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चलता रहा, लेकिन 16 दिनों तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद 20 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।
समीर की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के लिए काम करने वाले युवक की मौत से जुड़े इस मामले में अब पुलिस की जांच अहम हो गई है। समीर के मोबाइल में बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें वह अपने साथ हुई कथित घटना का विवरण देता नजर आता है।
कल्याणपुरी पुलिस ने पिता-पुत्र को किया गिरफ्तार
इस मामले में दिल्ली के कल्याणपुरी थाना पुलिस ने रामपाल चौधरी और उसके बेटे राकेश चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रावल के अनुसार, मृतक का मोबाइल फोन जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को फोन में कुछ वीडियो मिले हैं, जिनके आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। जांच में वीडियो की प्रामाणिकता, उनमें दर्ज घटनाक्रम और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जाएगा।
मोबाइल वीडियो से सामने आएंगे घटना से जुड़े अहम तथ्य?
समीर द्वारा बनाए गए वीडियो इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद के दौरान क्या हुआ, मारपीट की परिस्थितियां क्या थीं और समीर ने वीडियो में जो बातें कही हैं, उनकी पुष्टि अन्य सबूतों से होती है या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
