गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र के गम्हारडीह गांव में मारपीट, छेड़खानी, आगजनी और नकदी लूटने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता डोली कुमारी ने गांव के आठ लोगों पर घर में घुसकर हमला करने, परिजनों को घायल करने, उनके साथ छेड़खानी करने और पांच हजार रुपये लूटने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने देवरी थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
झारखंड के गिरिडीह जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां देवरी थाना क्षेत्र के गम्हारडीह गांव में एक परिवार के साथ कथित तौर पर मारपीट, छेड़खानी, आगजनी और लूटपाट की घटना हुई है। पीड़िता डोली कुमारी के आवेदन के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने पहले उनके परिवार को धमकी दी और फिर घर में घुसकर हमला कर दिया। इस दौरान परिवार के कई सदस्यों के घायल होने, पीड़िता के साथ छेड़खानी करने, गोहाल में आग लगाने और घर से नकदी ले जाने के आरोप लगाए गए हैं।
घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है। पीड़िता ने देवरी थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
पहले घर में घुसकर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
पीड़िता डोली कुमारी की ओर से दिए गए आवेदन के मुताबिक, घटना की शुरुआत 19 अक्टूबर 2026 की रात करीब नौ बजे हुई। आरोप है कि गांव के संदीप सिंह उनके घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज करने लगे। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और परिवार को धमकी दी गई।
शिकायत के अनुसार, इस घटना के दो दिन बाद यानी 21 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब नौ बजे मामला और गंभीर हो गया। आरोप है कि संदीप सिंह अपने सात अन्य साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। पीड़िता ने अपने आवेदन में कुल आठ लोगों को नामजद किया है।
आठ लोगों पर घर में घुसकर हमला करने का आरोप
पीड़िता की शिकायत में संदीप सिंह के अलावा रामकृष्ण सिंह, प्रद्युम्न सिंह, प्रमोद सिंह, बंशकार सिंह, विक्की सिंह, खेंडू सिंह और बंशीधर सिंह के नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने एक साथ मिलकर घर में मौजूद परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।
शिकायत में हमले के दौरान अलग-अलग लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि हमले में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे परिवार के सदस्यों को चोटें आईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
चाकू और टांगी से हमला करने का आरोप, कई परिजनों के घायल होने की बात
डोली कुमारी के आवेदन के मुताबिक, कथित हमले के दौरान बंशकार सिंह ने पंकु राम पर चाकू से वार किया। वहीं, रामकृष्ण सिंह पर फुलन देवी के चेहरे पर टांगी के फल से हमला करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा प्रद्युम्न सिंह पर मुद्रिका देवी के साथ मारपीट करने का आरोप है।
शिकायत में कहा गया है कि हमले के दौरान परिवार के कई सदस्य इसकी चपेट में आ गए। घटना में घायल लोगों की स्थिति और चोटों की गंभीरता से संबंधित विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। पीड़िता ने अपने आवेदन में घटना से जुड़ी कथित घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
परिजनों को बचाने पहुंचीं तो छेड़खानी और कपड़े फाड़ने का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, जब वह अपने परिजनों को हमलावरों से बचाने के लिए आगे आईं, तो संदीप सिंह ने उनके साथ छेड़खानी की। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उनके कपड़े फाड़कर उन्हें अर्धनग्न करने का प्रयास किया गया।
इस आरोप के बाद मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि इसमें महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार का पहलू भी शामिल हो जाता है। पीड़िता ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
बेटी को बचाने पहुंचीं मां, गोहाल में आग लगाने का आरोप
आवेदन में आगे बताया गया है कि जब पीड़िता की मां अपनी बेटी को बचाने के लिए पहुंचीं, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनके गोहाल में आग लगा दी। पीड़िता के अनुसार, आग लगने से गोहाल का आधा हिस्सा जलकर नष्ट हो गया।
गांवों में गोहाल पशुओं को रखने और उनसे जुड़ी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में गोहाल में आग लगने से परिवार को नुकसान पहुंचने का आरोप भी शिकायत का अहम हिस्सा है। हालांकि, आग लगने से हुए वास्तविक नुकसान और घटना की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घर में रखे पांच हजार रुपये लूटने और जान से मारने की धमकी का आरोप
पीड़िता डोली कुमारी ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावर घर में रखे पांच हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। शिकायत के मुताबिक, जाते समय आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि परिवार को गांव में गुलाम और मजदूर बनाकर रखने की धमकी दी गई। इन आरोपों के कारण पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। परिवार ने पुलिस से मांग की है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।
देवरी थाना प्रभारी से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
घटना के बाद डोली कुमारी ने देवरी थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने नामजद लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत में लगाए गए मारपीट, छेड़खानी, आगजनी, नकदी लूटने और धमकी देने के आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
गिरिडीह के गम्हारडीह मामले में आगे क्या?
देवरी थाना क्षेत्र के गम्हारडीह गांव की इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्या पुलिस शिकायत में नामजद सभी लोगों की भूमिका की जांच करेगी? कथित मारपीट, महिला के साथ दुर्व्यवहार, गोहाल में आग लगाने और नकदी ले जाने के आरोपों की पुष्टि कैसे होगी? और पीड़ित परिवार को सुरक्षा कब मिलेगी? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।
