Haryana News: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। रोहतक ब्यूरो की टीम ने 25 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए एक गिरदावर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजेश गिरदावर (52) के रूप में हुई है, जो हलका तहसील राई में तैनात बताया गया है। आरोपी सोनीपत की मलिक कॉलोनी का रहने वाला है।
ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई जमीन से जुड़े कामों को करवाने के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद की गई। मामले में रोहतक स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाने में FIR नंबर 27, दिनांक 8 सितंबर 2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जमीन की तकसीम और इंतकाल के लिए मांगे थे पैसे
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया कि उसके चाचा की जमीन से संबंधित मामला नायब तहसीलदार की अदालत में चल रहा था, जहां से संबंधित आदेश जारी हो चुके थे। इसके बाद जमीन की तकसीम सनद, इंतकाल और भूमि का कब्जा दिलाने से जुड़ी प्रक्रिया के लिए वह राजेश गिरदावर के संपर्क में आया।
आरोप है कि गिरदावर ने इन कामों में मदद करने के बदले शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये की अवैध रकम मांगी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। इसके बाद उसने मामले की जानकारी राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी।
शिकायत की पुष्टि के बाद बिछाया गया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने पहले मामले की नियमानुसार पुष्टि की। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
इसके बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की सोनीपत यूनिट की टीम ने कार्रवाई की और आरोपी राजेश को कथित तौर पर 25 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ब्यूरो द्वारा अब यह भी जांच की जा रही है कि पूरे मामले में रिश्वत की मांग और जमीन से जुड़े काम को लेकर आरोपी की क्या भूमिका थी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा के निदेशक डॉ. ए.एस. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में ब्यूरो की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में शामिल कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कानून से ऊपर नहीं है और शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी सरकारी काम करने के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी को दी जाए।
रिश्वत मांगने पर इन नंबरों पर दें सूचना
डॉ. ए.एस. चावला ने लोगों से अपील की कि रिश्वत मांगने की स्थिति में वे हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क करें। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 और 1064 जारी किए गए हैं।
ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जमीन से जुड़े मामलों में क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
जमीन की तकसीम, इंतकाल, कब्जा और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े काम आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे मामलों में सरकारी प्रक्रिया के दौरान रिश्वत मांगने की शिकायतें सामने आने पर भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियां ट्रैप कार्रवाई करती हैं।
सोनीपत में हुई यह कार्रवाई भी इसी तरह की शिकायत के बाद की गई। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
अब आगे क्या होगा?
गिरफ्तारी के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मामले की आगे की जांच करेगा। जांच में शिकायत से जुड़े तथ्यों, कथित रिश्वत लेन-देन और जमीन से संबंधित काम में आरोपी की भूमिका समेत अन्य पहलुओं को देखा जाएगा।
फिलहाल 25 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में गिरदावर राजेश की गिरफ्तारी हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्यूरो की कार्रवाई के तौर पर सामने आई है।
