यमुनानगर/सहारनपुर: हरियाणा के यमुनानगर जिले में हथिनी कुंड बैराज पर सेना के अभ्यास के दौरान हुए नाव हादसे में लापता भारतीय सेना के जवान का शव बरामद कर लिया गया है। जवान की तलाश के लिए चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन अब खत्म हो गया है। लापता जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में नदी से मिला है। घटना के बाद से सेना, वायुसेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जवान की तलाश में जुटी थीं।
हथिनी कुंड बैराज से करीब 12 किलोमीटर दूर मिला शव
हथिनी कुंड बैराज हादसे में गुरुवार को बड़ी और दुखद जानकारी सामने आई। तलाशी अभियान के दौरान लापता जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में नदी से बरामद किया गया।
बताया जा रहा है कि जवान का शव हथिनी कुंड बैराज से करीब 12 किलोमीटर दूर सहारनपुर क्षेत्र में मिला। शव मिलने की सूचना के बाद सेना के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू की।
बरथा गांव के पास नदी में मिला जवान का शव
जानकारी के अनुसार, लापता सैनिक का शव देर रात सहारनपुर के बरथा गांव के पास नदी में मिला। शव बरामद होने के बाद सेना ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।
हादसे के बाद से जवान के परिजन उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए थे और लगातार उसकी सलामती की दुआ कर रहे थे। लेकिन तलाशी अभियान के दौरान शव मिलने की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सेना के अभ्यास के दौरान कैसे हुआ था हादसा?
दरअसल, यह दर्दनाक हादसा मंगलवार शाम हरियाणा के यमुनानगर जिले में हथिनी कुंड बैराज के पास हुआ था। यहां भारतीय सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के जवान अभ्यास कर रहे थे।
अभ्यास के दौरान सेना की मोटर बोट यमुना नदी के एक डेंजर जोन की ओर चली गई। इसी दौरान मोटर बोट पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई और बैराज के नीचे की दिशा में बहने लगी।
तेज धार और पानी के दबाव के कारण नाव अपना संतुलन खो बैठी और हादसे का शिकार होकर नदी में डूब गई। इस दौरान नाव में मौजूद कुछ जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
तेज बहाव में लापता हो गया था एक जवान
नाव हादसे के बाद एक जवान के तेज बहाव में बह जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद सेना ने तत्काल बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया।
लापता जवान की तलाश के लिए सेना के साथ वायुसेना, स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीमें लगाई गईं। नदी में कई स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया और संभावित इलाकों में जवान की तलाश की गई।
कई घंटों तक चले इस अभियान के बावजूद जवान का तत्काल पता नहीं चल सका। नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीमों के सामने भी चुनौती बनी हुई थी।
सेना और प्रशासन की संयुक्त टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
जवान के लापता होने की सूचना के बाद सेना और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया था। यमुना नदी में संभावित स्थानों पर तलाशी ली गई।
वायुसेना और स्थानीय पुलिस की मदद से भी जवान को खोजने की कोशिश की गई। नदी के बहाव और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तलाशी अभियान को आगे बढ़ाया गया।
आखिरकार लापता जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बरामद हुआ। शव मिलने के बाद सेना के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उसे कब्जे में लिया।
हादसे के बाद परिवार को था जवान की वापसी का इंतजार
जवान के लापता होने के बाद उसके परिवार और परिचितों को उम्मीद थी कि वह सुरक्षित मिल जाएगा। बचाव दल भी लगातार उसकी तलाश में जुटा हुआ था।
लेकिन सहारनपुर में शव मिलने की सूचना के बाद परिवार की उम्मीदें मातम में बदल गईं। सेना के अधिकारी मामले में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
हथिनी कुंड बैराज हादसे से जुड़े अहम तथ्य
हथिनी कुंड बैराज पर सेना के अभ्यास के दौरान मोटर बोट यमुना नदी के तेज बहाव में फंस गई थी। नाव के डूबने के बाद कुछ जवान सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि एक जवान लापता हो गया था।
लापता जवान की खोज के लिए सेना, वायुसेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाया। कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में बरथा गांव के पास नदी से बरामद किया गया।
इस दुखद घटना ने सेना के जवानों और उनके परिवारों के सामने आने वाली चुनौतियों को एक बार फिर सामने ला दिया है। फिलहाल हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक बयान के बाद और स्पष्ट हो सकेगी।
