Kerala High Court News: केरल के चर्चित मिनी कूपर सड़क हादसे में केरल हाई कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जमानत दे दी है। पिछले महीने कोच्चि के पास हुए इस भीषण हादसे में दो महिलाओं समेत तीन लोगों की जान चली गई थी। मामले में सबसे ज्यादा चर्चा 19 वर्षीय सुहैल सजीव की भूमिका को लेकर हो रही है, जिस पर कथित तौर पर शराब के नशे में तेज रफ्तार कार चलाने का आरोप है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने जमानत देते हुए अहम टिप्पणी की कि किसी आरोपी को जमानत दी जानी चाहिए या नहीं, इसका फैसला जनता की भावनाओं के आधार पर नहीं किया जा सकता। इसके लिए कानून और निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले के पहले आरोपी सुहैल सजीव को तत्काल जेल से रिहा नहीं किया जाएगा। उसे 10 दिन बाद जमानत का लाभ मिलेगा। वहीं, अदालत ने जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया को लेकर भी अभियोजन पक्ष से सवाल किए।
मिनी कूपर हादसे में तीन लोगों की मौत, हाई कोर्ट ने आरोपियों को दी राहत
यह मामला 11 अक्टूबर की सुबह केरल के कोच्चि के पास नेदुम्बसेरी में हुए भीषण सड़क हादसे से जुड़ा है। यहां तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने एक स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में करीब 21 साल की दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय 19 वर्षीय सुहैल सजीव कार चला रहा था। उस पर शराब पीकर गाड़ी चलाने और तेज रफ्तार में वाहन चलाने का आरोप है। हादसे की गंभीरता और तीन लोगों की मौत के कारण यह मामला काफी चर्चा में रहा।
अब केरल हाई कोर्ट ने मामले के तीनों आरोपियों को जमानत देने का आदेश दिया है। हालांकि, पहले आरोपी सुहैल की रिहाई को लेकर अदालत ने अलग समयसीमा निर्धारित की है।
कोर्ट की अहम टिप्पणी- जनता की भावना से तय नहीं होगी जमानत
सुनवाई के दौरान केरल हाई कोर्ट ने दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। अदालत ने अभियोजन पक्ष से पूछा कि क्या मामले से जुड़े सभी सबूत एकत्र कर लिए गए हैं। इस पर अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि जांच अभी जारी है और कुछ सबूत जुटाए जाने बाकी हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि जांच की प्रक्रिया लगभग दो सप्ताह में पूरी हो सकती है।
इस दौरान हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत का फैसला कानून, उपलब्ध तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर किया जाना चाहिए। जनता की भावनाएं यह तय नहीं कर सकतीं कि किस आरोपी को जमानत मिलनी चाहिए और किसे नहीं।
अदालत की इस टिप्पणी को मामले की सुनवाई का महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
सुहैल सजीव को तुरंत नहीं मिलेगी रिहाई, 10 दिन बाद लागू होगी जमानत
इस मामले के पहले आरोपी 19 वर्षीय सुहैल सजीव को हाई कोर्ट ने जमानत तो दे दी है, लेकिन उसे तत्काल रिहा करने का आदेश नहीं दिया। अदालत के निर्देश के मुताबिक, सुहैल को 10 दिन बाद जमानत का लाभ मिलेगा।
सुहैल पर आरोप है कि वह दुर्घटना के समय शराब के नशे में मिनी कूपर चला रहा था। हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद उसकी भूमिका को लेकर काफी सवाल उठे थे। अब अदालत के आदेश के बाद भी उसकी तत्काल रिहाई नहीं होगी और उसे निर्धारित अवधि पूरी करनी होगी।
हादसे के बाद सुहैल का कथित बयान हुआ था वायरल
मिनी कूपर दुर्घटना के बाद सुहैल सजीव का एक कथित बयान भी चर्चा में आया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के बाद पुलिस से बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर कहा था कि सड़कें गाड़ी चलाने के लिए ही होती हैं। इसके साथ ही उसने कथित रूप से यह भी दावा किया था कि उसके पिता इस मामले को संभाल लेंगे।
इन कथित बयानों की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मामले को लेकर काफी चर्चा हुई थी। हालांकि, इस तरह के बयानों को लेकर सामने आई रिपोर्टों और जांच में स्थापित तथ्यों के बीच अंतर समझना जरूरी है।
BMW की रिपोर्ट में सामने आई कार की रफ्तार, टक्कर से पहले 162 KM/H थी स्पीड
इस दुर्घटना की जांच में कार की रफ्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना में शामिल मिनी कूपर की निर्माता कंपनी BMW ने वाहन की तकनीकी जांच की थी। इस जांच में सामने आया कि टक्कर से लगभग पांच सेकंड पहले कार करीब 162 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी।
क्रैश डेटा एनालिसिस के अनुसार, स्कूटर से टकराने से लगभग एक सेकंड पहले चालक ने ब्रेक लगाए थे। उस समय कार की गति करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी।
ये आंकड़े दुर्घटना के समय कार की अत्यधिक रफ्तार और टक्कर से ठीक पहले की स्थिति को समझने के लिए अहम माने जा रहे हैं।
CCTV फुटेज में 11 सेकंड में 500 मीटर की दूरी तय करती दिखी कार
पुलिस ने जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का भी विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार, फुटेज में मिनी कूपर कार महज 11 सेकंड में करीब 500 मीटर की दूरी तय करती दिखाई दी।
इसके अलावा वाहन के एडवांस्ड क्रैश सेफ्टी मॉड्यूल (ACSM) से प्राप्त तकनीकी डेटा का भी विश्लेषण किया गया। पुलिस ने बताया कि इस डेटा से भी कार की गति और दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों से जुड़े निष्कर्षों को समर्थन मिला।
इस तरह CCTV फुटेज और BMW की तकनीकी रिपोर्ट दोनों ही जांच के महत्वपूर्ण हिस्से बने हैं।
तीन मौतों के मामले में जमानत के बाद भी जांच पर टिकी नजरें
कोच्चि के पास हुए इस मिनी कूपर हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब केरल हाई कोर्ट के जमानत आदेश के बाद कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण महत्वपूर्ण होगा।
अदालत ने जहां जमानत के मामले में कानून और न्यायिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की बात कही है, वहीं अभियोजन पक्ष ने अभी जांच पूरी नहीं होने की जानकारी दी है। ऐसे में BMW की तकनीकी रिपोर्ट, CCTV फुटेज, क्रैश डेटा और अन्य साक्ष्यों की जांच इस मामले में आगे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
