Nepal Flood News: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद तबाही की भयावह तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं। नुवाकोट जिले के बेत्रावती गांव में राहत और बचाव अभियान के दौरान एक मलबे में दबे मकान से 23 शव बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें 21 शव मकान के एक कमरे से, जबकि दो शव घर के बाहर से मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि बरामद लोग तीर्थयात्री हो सकते हैं। शवों की पहचान की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
एक कमरे से 21 शव, बाहर मिले दो शव
यह घटना नुवाकोट जिले के विदुर नगरपालिका क्षेत्र के बेत्रावती गांव की है। भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद यहां एक तीन मंजिला मकान मलबे में दब गया था। राहत और बचाव दल जब घर की तलाशी ले रहे थे, तभी एक कमरे से 21 शव बरामद हुए। इसके अलावा मकान के बाहर से भी दो शव मिले।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी के रास्ते त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ ने इलाके में भारी तबाही मचाई थी। इसी दौरान यह मकान भी बाढ़ और मलबे की चपेट में आ गया।
बाढ़ से बचने के लिए ऊपरी मंजिल पर पहुंचे थे लोग
नुवाकोट के पुलिस अधीक्षक विपिन रेग्मी के अनुसार, जिस कमरे से शव बरामद हुए हैं, वह मकान की ऊपरी मंजिल और छत के ठीक नीचे स्थित है। प्रारंभिक जांच से ऐसा लगता है कि बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के बाद वहां मौजूद लोगों ने खुद को बचाने के लिए मकान की ऊपरी मंजिल का रुख किया होगा।
पुलिस का अनुमान है कि कई लोग जान बचाने की कोशिश में एक ही स्थान पर जमा हुए होंगे, लेकिन अचानक आए सैलाब और मलबे की चपेट में आने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।
मां की गोद में मिली मासूम बच्ची
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस को एक महिला का शव मिला, जिसने एक छोटी बच्ची को अपनी गोद में कसकर पकड़ रखा था। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि महिला और बच्ची मां-बेटी हो सकती हैं। हालांकि, उनकी पहचान और आपसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद शवों के साथ बैग भी मिले हैं। एक शव विदेशी नागरिक का प्रतीत होने की बात भी सामने आई है। इसी आधार पर पुलिस को संदेह है कि मृतकों में गोसाईंकुंड जाने वाले तीर्थयात्री शामिल हो सकते हैं।
23 शवों की पहचान अभी बाकी
बेत्रावती गांव के मकान से बरामद 23 शवों में से आठ को त्रिशूली अस्पताल ले जाया गया है। बाकी शवों को फिलहाल मकान की छत पर रखा गया है और बाद में उन्हें भी अस्पताल ले जाने की तैयारी है।
प्रशासन और पुलिस की प्राथमिकता अब मृतकों की पहचान करना और उनके परिजनों तक जानकारी पहुंचाना है। इसके लिए बरामद सामान और उपलब्ध रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
उत्तरगया में करीब 350 छात्र भी लापता
नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा का असर कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रसुवा जिले के उत्तरगया गांव में करीब 350 छात्रों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनकी तलाश के लिए राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
वहीं, त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में भी छठे दिन तक रेस्क्यू अभियान में सफलता नहीं मिल सकी है। परियोजना में काम कर रहे करीब 40 से 42 इंजीनियरों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास जारी है। इसके अलावा त्रिशूली 3B हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 118 कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पाया है।
भारतीय रेस्क्यू टीम भी नेपाल में जुटी
नेपाल में फंसे लोगों की तलाश और राहत अभियान में भारत की रेस्क्यू टीमें भी सक्रिय हैं। भारतीय विशेषज्ञ दल नेपाली सेना के साथ मिलकर खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बचाव अभियान चला रहा है।
भारतीय रेस्क्यू टीम ने रसुवा जिले के चिलीमे और लांगटांग इलाकों में टनल में फंसे कर्मचारियों की तलाश के लिए अभियान तेज किया है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद दोनों स्थानों पर रेस्क्यू प्रयासों में शुरुआती सफलता मिलने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल में लगातार सामने आ रही तबाही की तस्वीरें
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। नुवाकोट के बेत्रावती गांव में एक ही मकान से 23 शवों का मिलना इस आपदा की भयावहता को दर्शाता है। दूसरी ओर, लापता छात्रों, हाइड्रोपावर परियोजनाओं के कर्मचारियों और अन्य लोगों की तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर बचाव अभियान जारी है।
प्रशासन के सामने एक तरफ लोगों को सुरक्षित निकालने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ बरामद शवों की पहचान कर उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी भी है। खराब मौसम और दुर्गम इलाकों के कारण राहत एवं बचाव दल को लगातार मुश्किल परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है।
