शहडोल में दर्दनाक हादसा: लकड़ियां काटने गए 32 वर्षीय सुखीलाल कोल की मौत, पत्नी की आंखों के सामने उजड़ गया संसार
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जंगल में लकड़ियां काटने गए एक व्यक्ति की पेड़ से गिरने के कारण मौत हो गई। पति को अपनी आंखों के सामने जमीन पर गिरता देख पत्नी घबरा गई। वह मदद के लिए चीखती रही और पति को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन घने जंगल में समय पर सहायता नहीं मिल सकी। कुछ ही देर में घायल पति ने दम तोड़ दिया। घर लौटने की तैयारी कर रहे दंपती के लिए यह सफर जिंदगी का सबसे दुखद पल बन गया।
यह घटना शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के बहेरहा जंगल की है। जानकारी के अनुसार, रतहर निवासी 32 वर्षीय सुखीलाल कोल अपनी पत्नी के साथ गांव के पास स्थित जंगल में लकड़ियां काटने गया था। दोनों का उद्देश्य लकड़ियां इकट्ठा कर घर लौटना था, लेकिन पेड़ से उतरते समय हुए एक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
Shahdol Accident: पेड़ से उतरते समय बिगड़ा संतुलन, जमीन पर गिरा सुखीलाल
बताया गया है कि सुखीलाल कोल जंगल में एक पेड़ पर चढ़कर लकड़ियां काट रहा था। वहीं, उसकी पत्नी पेड़ के नीचे खड़ी होकर काटकर गिराई गई लकड़ियों को इकट्ठा कर रही थी। कुछ समय बाद जब पर्याप्त लकड़ियां जमा हो गईं, तो पत्नी ने पति से नीचे उतरने और घर चलने के लिए कहा।
पत्नी को अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही पल ऐसा हादसा हो जाएगा, जो उसकी जिंदगी बदल देगा। सुखीलाल पेड़ से नीचे उतर ही रहा था कि अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। वह ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरा। गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं।
अचानक हुए हादसे से पत्नी घबरा गई। वह तुरंत पति के पास पहुंची और उसे संभालने की कोशिश करने लगी। लेकिन सुखीलाल की हालत गंभीर थी। पत्नी के सामने ही उसकी जिंदगी बचाने की उम्मीद धीरे-धीरे टूटने लगी।
Wife Witnessed Husband’s Death: मदद के लिए चीखती रही पत्नी, जंगल में नहीं मिला सहारा
पति को घायल अवस्था में जमीन पर पड़ा देखकर पत्नी बदहवास हो गई। वह मदद के लिए लगातार आवाज लगाती रही। उसे उम्मीद थी कि जंगल से गुजरने वाला कोई व्यक्ति उसकी पुकार सुन लेगा और पति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने में मदद करेगा।
वह कभी पति के पास जाती, तो कभी आसपास नजर दौड़ाकर किसी के आने का इंतजार करती। लेकिन उस समय जंगल में उनके अलावा कोई मौजूद नहीं था, जिससे तत्काल सहायता मिल सके।
पत्नी की कोशिशों के बावजूद सुखीलाल की हालत में सुधार नहीं हुआ। कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं। जिस पति के साथ वह लकड़ियां इकट्ठा करने जंगल आई थी, उसी को अपनी आंखों के सामने खो देने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
Shahdol Forest Incident: राहगीरों ने सुनी चीख-पुकार, लेकिन तब तक हो चुकी थी देर
घटना के कुछ समय बाद जंगल के रास्ते से गुजर रहे लोगों ने महिला की चीख-पुकार सुनी। आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की स्थिति देखी। हालांकि, तब तक सुखीलाल की मौत हो चुकी थी।
यदि समय रहते मदद मिल जाती, तो घायल व्यक्ति को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा सकती थी, लेकिन इस घटना में सहायता पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पेड़ से गिरने के कारण हुई चोटें इस हादसे की वजह बनीं।
यह घटना जंगल और दूरदराज के इलाकों में किसी दुर्घटना के समय तत्काल मदद उपलब्ध होने की कठिनाइयों को भी सामने लाती है, जहां आसपास लोगों की मौजूदगी नहीं होने से सहायता मिलने में देरी हो सकती है।
Gohparu Police: पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की विवेचना की जा रही है।
शहडोल जिले के बहेरहा जंगल में हुई इस घटना से मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लकड़ियां इकट्ठा कर घर लौटने की तैयारी कर रहे पति-पत्नी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में सब कुछ बदल जाएगा। सुखीलाल कोल की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
