TTE ने मांगा टिकट तो महिला ने शुरू किया हंगामा? कपड़े फाड़ने का वीडियो वायरल, कैमरे में कैद हुई पूरी घटना

नई दिल्ली: ट्रेन में टिकट जांच के दौरान टीटीई और एक महिला यात्री के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि महिला यात्री के पास यात्रा का वैध टिकट नहीं था और टिकट जांच के दौरान उसने टीटीई को पैसे देने की पेशकश की। टीटीई ने कथित तौर पर पैसे लेने से इनकार करते हुए महिला से टिकट बनवाने को कहा। इसके बाद दोनों के बीच बहस बढ़ती दिखाई देती है।

वायरल वीडियो में महिला टीटीई को कथित तौर पर धमकाती और उस पर गंभीर आरोप लगाने की बात करती नजर आती है। सबसे ज्यादा चर्चा उस हिस्से को लेकर हो रही है, जिसमें महिला खुद अपने कपड़े फाड़ती हुई दिखाई देती है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और घटना की पूरी पृष्ठभूमि की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

‘पैसे नहीं, टिकट चाहिए’, TTE की बात पर बढ़ा विवाद

वीडियो में महिला कथित तौर पर टीटीई से कहती है कि जब वह पैसे देने के लिए तैयार है तो उससे समस्या क्या है। इस पर टीटीई उसे कथित तौर पर जवाब देता है कि उसे पैसे नहीं, बल्कि टिकट चाहिए और उसे नियमानुसार टिकट बनवाना होगा।

टीटीई की बात सुनने के बाद महिला नाराज होती दिखाई देती है। वीडियो में वह किसी ‘मुन्ना तिवारी’ नाम के टीटीई का जिक्र करते हुए सामने मौजूद टीटीई से बात करती नजर आती है। इसके बाद वह कथित तौर पर फोन पर किसी से बातचीत भी करती है।

महिला ने अपना नाम राधिका तिवारी बताया

वायरल फुटेज में महिला अवधी भाषा में बातचीत करती दिखाई देती है और अपना नाम राधिका तिवारी बताती है। इसके बाद वह कथित तौर पर अपने भाई को फोन करती है और शिकायत करती है कि टीटीई उसे परेशान कर रहा है।

वीडियो में महिला टीटीई पर उसके कपड़े फाड़ने और उसे छूने का आरोप लगाने की बात कहती सुनाई देती है। वह पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर शिकायत करने की बात भी करती है। इसी दौरान कैमरे में महिला को अपने कपड़े खुद फाड़ते हुए देखा जा सकता है।

कैमरे में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा टीटीई के कैमरे की हो रही है। वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले लोगों का दावा है कि टीटीई ने पहले से रिकॉर्डिंग शुरू कर रखी थी, जिसके कारण विवाद के दौरान हुई गतिविधियां कैमरे में कैद हो गईं।

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स का कहना है कि अगर पूरी घटना रिकॉर्ड नहीं हुई होती तो मामले की सच्चाई सामने लाना मुश्किल हो सकता था। हालांकि, यह सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रिया है और इससे घटना में किसी पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी स्वतः तय नहीं होती।

महिला के आरोप और वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि पर सवाल

वीडियो में महिला टीटीई पर उसके साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाने की बात करती है, जबकि उसी फुटेज में वह खुद अपने कपड़े फाड़ती हुई दिखाई देती है। इसी विरोधाभास को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है।

हालांकि, किसी वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। घटना की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग, मौके पर मौजूद यात्रियों के बयान, रेलवे रिकॉर्ड और यदि कोई शिकायत दर्ज हुई है तो उसकी जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए अलग-अलग रिएक्शन

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने टीटीई कर्मचारियों को टिकट जांच के दौरान ऐसे विवादों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। कुछ लोगों ने वीडियो के आधार पर महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।

वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि किसी भी यात्री या रेलवे कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले पूरे मामले की आधिकारिक जांच जरूरी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और उस पर आने वाली प्रतिक्रियाओं को अंतिम कानूनी निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

बेटिकट यात्रा के मामले में क्या होता है?

रेलवे में बिना वैध टिकट यात्रा करने वाले यात्री से नियमानुसार किराया और लागू जुर्माना वसूला जा सकता है। ऐसे मामलों में टिकट जांच कर्मचारी यात्री की स्थिति के अनुसार रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई करता है।

वायरल वीडियो में भी विवाद की शुरुआत टिकट जांच से होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन महिला और टीटीई के बीच आगे क्या हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित रेलवे प्रशासन या पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल

फिलहाल इस वीडियो ने रेलवे में टिकट जांच के दौरान यात्रियों और टीटीई के बीच होने वाले विवादों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ टिकट नियमों का पालन जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ किसी भी यात्री या रेलवे कर्मचारी पर लगाया गया गंभीर आरोप जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही तय किया जाना चाहिए।

वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना को लेकर आधिकारिक शिकायत, पुलिस कार्रवाई या रेलवे की ओर से कोई विस्तृत बयान सामने आता है तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। तब तक वीडियो में किए गए दावों और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

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