रांची में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026 के दौरान झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने साफ कहा कि किसानों के हित में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम के दूसरे दिन कई कृषि अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि जो अधिकारी किसानों के लिए अच्छा काम करेंगे उन्हें सम्मान मिलेगा, लेकिन लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
मंत्री ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार इस साल कम बारिश होने की संभावना है, जिससे सूखे जैसी स्थिति बन सकती है. इसी वजह से राज्य सरकार पहले से तैयारी में जुट गई है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. सभी जिलों के कृषि अधिकारियों को पहले ही कंटिजेंसी प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है.

20 मई को हर जिले में लगेगा खरीफ मेला
शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों से कहा कि किसानों के लिए सही समय पर बीज, सिंचाई और जरूरी सुविधाएं पहुंचाना सबसे अहम है. उन्होंने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 मई तक जिला स्तरीय बैठक करें और उसकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजें.
उन्होंने बताया कि 20 मई को हर जिले में खरीफ मेला लगाया जाएगा, जिसमें करीब 500 प्रगतिशील किसान हिस्सा लेंगे. वहीं 22 मई को प्रखंड स्तर पर भी खरीफ मेले का आयोजन होगा और हर पंचायत से 50 किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों को मृदा जांच, बीज वितरण, ड्रिप इरीगेशन, सोलर पंप, मधुमक्खी पालन और कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी आसान भाषा में दी जाए. साथ ही पशुओं की दवा समय पर मिले और तालाबों के जीर्णोद्धार का काम मई के अंत तक पूरा हो, इसके भी निर्देश दिए गए.
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एससी दुबे ने भी जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के नए तरीकों पर काम करने की जरूरत बताई.
