कोलकाता में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन गोदाम की छत भरभराकर गिरी, 40 से ज्यादा मजदूर मलबे में दबे; 3 की मौत, रेस्क्यू जारी

कोलकाता : पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। यहां एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई, जिससे मौके पर काम कर रहे दर्जनों मजदूर मलबे के नीचे दब गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन और बचाव एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

काम के दौरान अचानक गिरी छत, मची अफरा-तफरी

घटना तारातला क्षेत्र में ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर के समय मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे, तभी अचानक पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े और कुछ ही देर में इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

40 से 45 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

अधिकारियों के अनुसार हादसे के समय बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण स्थल पर मौजूद थे। आशंका है कि करीब 40 से 45 लोग मलबे के नीचे फंस गए। राहत दल लगातार मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन समूह और नागरिक सुरक्षा की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।

सेना की मदद से तेज हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

मलबे के नीचे दबे लोगों तक पहुंचने के लिए भारी मशीनों, क्रेन और जेसीबी का इस्तेमाल किया जा रहा है। गोदाम की छत के साथ गिरे लोहे के भारी बीम और निर्माण सामग्री को हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रशासन ने बचाव अभियान को गति देने के लिए सेना की मदद भी ली है। सेना के जवान और विशेषज्ञ टीम राहत कार्य में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

रेस्क्यू टीम द्वारा निकाले गए घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

हादसे की वजह की होगी जांच

छत गिरने के कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि शुरुआती स्तर पर निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री और संरचनात्मक मजबूती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। राहत अभियान पूरा होने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की टीम हादसे के वास्तविक कारणों की जांच करेगी।

इलाके में पसरा मातम, लोगों की निगाहें रेस्क्यू पर

इस हादसे के बाद तारातला और आसपास के क्षेत्रों में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग लगातार घटनास्थल और अस्पतालों से जानकारी जुटा रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि राहत और बचाव कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक मलबे में फंसे सभी लोगों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता।

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