Maharashtra Snake Bite: आधी रात हॉस्टल में घुसा जहरीला सांप, 6 छात्राओं को डसा; इलाज के दौरान 3 की मौत, आश्रम स्कूल में मचा हड़कंप

Maharashtra Snake Bite News: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित आश्रम स्कूल के छात्रावास में रविवार देर रात करीब 2 बजे एक जहरीला सांप घुस आया। उस समय हॉस्टल के एक कमरे में बड़ी संख्या में छात्राएं सो रही थीं। सांप ने सो रही छात्राओं में से छह को डस लिया। सर्पदंश के बाद सभी प्रभावित छात्राओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन छात्राओं की मौत हो गई। वहीं अन्य छात्राओं का उपचार जारी है और एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है।

रात करीब 2 बजे हॉस्टल में घुसा सांप, सो रही छात्राओं में मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार यह घटना 10 अगस्त की रात करीब 2 बजे हुई। छात्रावास के एक कमरे में करीब 79 छात्राएं सो रही थीं। इसी दौरान अचानक एक जहरीला सांप कमरे में पहुंच गया। छात्राओं के मुताबिक, सांप ने वहां सो रही कुछ छात्राओं को डस लिया। सर्पदंश की जानकारी सामने आते ही हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई।

हादसे के बाद सर्पदंश की शिकार छात्राओं को तत्काल धानोरा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए कुछ छात्राओं को आगे के इलाज के लिए गढ़चिरौली जिला अस्पताल भेजा गया।

इलाज के दौरान तीन छात्राओं ने तोड़ा दम

सांप के काटने से प्रभावित छात्राओं में से दो की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गंभीर रूप से प्रभावित एक अन्य छात्रा को बेहतर इलाज के लिए गढ़चिरौली जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

इस हादसे में अब तक तीन आदिवासी छात्राओं की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं बाकी प्रभावित छात्राओं का इलाज अस्पताल में चल रहा है। दीपिका बिटकुसाय मडावी नाम की छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

79 छात्राएं एक कमरे में सो रही थीं, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

हादसे के बाद आश्रम स्कूल के हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, छात्रावास के एक कमरे में करीब 79 छात्राएं रहती और सोती थीं। पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि छात्राओं के लिए जमीन पर गद्दे बिछाकर सोने की व्यवस्था की जाती थी और एक गद्दे पर दो छात्राओं के सोने की व्यवस्था होने का दावा किया जा रहा है।

अगर ये दावे जांच में सही पाए जाते हैं तो छात्रावास की व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल उठ सकते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के लिए पर्याप्त और सुरक्षित सोने की व्यवस्था क्यों नहीं थी।

सांप हॉस्टल तक कैसे पहुंचा? उठे कई गंभीर सवाल

घटना के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि जहरीला सांप छात्रावास के कमरे तक आखिर कैसे पहुंचा। क्या हॉस्टल भवन को सांप और दूसरे जहरीले जीवों से सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? क्या छात्रावास परिसर की नियमित जांच और साफ-सफाई होती थी? क्या खिड़की, दरवाजे या भवन के किसी हिस्से से सांप अंदर आया?

इन सवालों का जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल हादसे ने आश्रम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और छात्रावासों की मूलभूत सुविधाओं पर बहस छेड़ दी है।

हादसे के बाद छात्राओं में डर और दहशत

तीन छात्राओं की मौत के बाद हॉस्टल में रह रही दूसरी छात्राओं के बीच भी भय का माहौल है। घटना के बाद कुछ छात्राओं में घबराहट, बेचैनी और उल्टी जैसी शिकायतें सामने आने की जानकारी है। एहतियात के तौर पर कई छात्राओं को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

परिजनों को जैसे ही घटना और मौत की जानकारी मिली, उनके बीच भी शोक की लहर दौड़ गई। छात्राओं के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस आश्रम स्कूल में परिवार अपनी बेटियों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई के लिए भेज रहे थे, वहीं इस तरह की घटना ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

पुरानी आश्रमशाला में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग

जपतलाई की यह पूर्ण अनुदानित आश्रमशाला एक संस्था के अंतर्गत संचालित होने की जानकारी सामने आई है। तीन छात्राओं की मौत के बाद अब स्कूल और हॉस्टल की व्यवस्थाओं की जांच की मांग तेज हो सकती है।

खास तौर पर छात्राओं के लिए उपलब्ध बेड, कमरे की क्षमता, साफ-सफाई, भवन की स्थिति और जहरीले जीवों से बचाव के इंतजामों की जांच अहम मानी जा रही है। हालांकि, हॉस्टल में बेड की कमी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सामने आए दावों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच में लापरवाही मिली तो तय हो सकती है जिम्मेदारी

इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती घटना की पूरी जांच करना और यह पता लगाना है कि जहरीला सांप हॉस्टल के कमरे में किन परिस्थितियों में पहुंचा। साथ ही छात्रावास में सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की भी जांच जरूरी है।

यदि जांच में किसी अधिकारी, संस्था या प्रबंधन स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग उठ सकती है। फिलहाल प्रशासनिक जांच और प्रभावित छात्राओं के उपचार पर सभी की नजर है।

एक दिन पहले ओडिशा में भी सांप के हमले से मां-बेटे की मौत

महाराष्ट्र की इस घटना के बीच एक दिन पहले ओडिशा के गजपति जिले से भी जहरीले सांप से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई थी। वहां रात में घर में घुसे सांपों ने सो रहे परिवार पर हमला कर दिया था। सर्पदंश के कारण एक मां और उसके सात साल के बेटे की मौत हो गई थी, जबकि परिवार के पिता और बेटी बाल-बाल बच गए थे।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सांपों से बचाव और समय पर चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

तीन छात्राओं की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल

गढ़चिरौली के जपतलाई आश्रम स्कूल में तीन आदिवासी छात्राओं की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अब सवाल सिर्फ सांप के हॉस्टल में घुसने का नहीं है, बल्कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, भवन की स्थिति और मूलभूत सुविधाओं से भी जुड़ा है।

जिन छात्राओं को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिलनी चाहिए थी, उनकी जान चली गई। ऐसे में अब परिजनों और स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन की जांच में क्या सामने आता है और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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