कोसी नदी में मछुआरे के जाल में फंसी डॉल्फिन, नाव पर ले जाकर बोला- ‘इससे तेल निकालूंगा’, VIDEO वायरल

Bihar Dolphin Viral Video: सहरसा में कोसी नदी में मछुआरे के जाल में डॉल्फिन फंस गई। आरोप है कि मछुआरे ने उसे मार दिया और नाव पर रखकर ले जाने लगा। जब उससे पूछा गया कि डॉल्फिन का क्या करेगा, तो उसने तेल निकालने की बात कही। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

सहरसा: बिहार के सहरसा जिले से डॉल्फिन से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कोसी नदी में मछली पकड़ने के दौरान एक मछुआरे के जाल में डॉल्फिन फंस गई। सामने आई जानकारी के मुताबिक, मछुआरे ने डॉल्फिन को बचाने के बजाय उसे मार दिया और फिर अपनी नाव पर रखकर ले जाने लगा। इस दौरान जब उससे डॉल्फिन के बारे में पूछा गया तो उसने कथित तौर पर कहा कि वह इससे तेल निकालेगा। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कोसी नदी में जाल में फंसी डॉल्फिन, मछुआरे ने कर दिया ऐसा काम

जानकारी के अनुसार, यह मामला सहरसा के डरहार गांव से जुड़ा है। डॉल्फिन मछली पकड़ने वाले जाल में फंस गई थी। डॉल्फिन के जाल में फंसने के बाद मछुआरे ने उसे बाहर निकाला। आरोप है कि इसके बाद उसने डॉल्फिन को मार दिया और उसे नाव पर रखकर अपने साथ ले जाने लगा। वायरल वीडियो में उससे जब पूछा गया कि वह डॉल्फिन का क्या करेगा, तो उसने जवाब दिया कि वह डॉल्फिन से तेल निकालेगा।

डॉल्फिन मारने वाले मछुआरे की पहचान बताई गई

रिपोर्ट के मुताबिक, डॉल्फिन को मारने वाले मछुआरे की पहचान सहरसा के डरहार गांव निवासी विजेन्द्र के रूप में हुई है। बताया गया है कि विजेन्द्र नाव चलाने के साथ मछली पकड़ने का काम करता है। मछली पकड़ने के दौरान उसके जाल में डॉल्फिन फंस गई थी। इसके बाद उसने डॉल्फिन को मार दिया और उसे नाव पर लेकर जाने लगा।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। वीडियो में मछुआरे से डॉल्फिन को लेकर सवाल किया जाता है और वह कथित तौर पर उससे तेल निकालने की बात कहता दिखाई देता है।

डॉल्फिन क्यों है खास?

डॉल्फिन अपनी बुद्धिमत्ता, सामाजिक व्यवहार और पानी में तेज तैरने की क्षमता के लिए जानी जाती है। दुनिया में डॉल्फिन की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें बॉटलनोज डॉल्फिन, कॉमन डॉल्फिन, स्पिनर डॉल्फिन, ऑर्का और रिवर डॉल्फिन जैसी प्रजातियां शामिल हैं।

डॉल्फिन स्तनधारी जीव है और यह अपने समूह के साथ रहना पसंद करती है। ये आपस में सामाजिक व्यवहार करती हैं और कई परिस्थितियों में एक-दूसरे की मदद भी करती हैं। डॉल्फिन का शरीर पानी में तेजी से तैरने के लिए अनुकूल होता है और इसके मुंह में दांत होते हैं।

डॉल्फिन के सामने कई तरह के खतरे

दुनिया के कई हिस्सों में डॉल्फिन की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इनके लिए सबसे बड़े खतरों में मछली पकड़ने वाले जाल में फंसना, जल प्रदूषण, प्लास्टिक और रासायनिक प्रदूषण, जहाजों से टक्कर और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं।

भारत में गंगा डॉल्फिन का विशेष महत्व है। गंगा डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया जा चुका है। नदियों में प्रदूषण और मछली पकड़ने के दौरान जाल में फंसना इनके लिए बड़ी चुनौती माना जाता है।

डॉल्फिन को मारना कानूनन अपराध

भारत में डॉल्फिन की संरक्षित प्रजातियों को नुकसान पहुंचाना या मारना कानून के तहत गंभीर अपराध हो सकता है। गंगा डॉल्फिन वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित है। ऐसे मामलों में परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार जेल और जुर्माने का प्रावधान हो सकता है।

डॉल्फिन को मारना, उसके शरीर के हिस्सों का इस्तेमाल करना या उससे संबंधित अवैध गतिविधियां कानून के दायरे में आती हैं। इसलिए मछुआरों और आम लोगों से वन्यजीवों के संरक्षण के नियमों का पालन करने की अपील की जाती है।

पहले भी गंगा किनारे मिल चुकी है बड़ी डॉल्फिन

डॉल्फिन मिलने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे करीब 10 फीट लंबी डॉल्फिन मिलने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उसका वजन करीब 350 किलोग्राम बताया गया था, जिसके बाद इलाके में लोगों के बीच काफी चर्चा हुई थी।

सहरसा में कोसी नदी से डॉल्फिन मिलने और उसके बाद उसे कथित तौर पर मारे जाने का वीडियो वायरल होने के बाद अब यह मामला वन्यजीव संरक्षण और नदी में रहने वाले जलीय जीवों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।

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