Bihar Bus Accident: डांसर को देखने के लिए बस चालक ने घुमाई नजर और मच गया कोहराम, छठियार की खुशियां मातम में बदलीं; 5 की मौत

Bihar Bus Accident News: पश्चिम चंपारण के लौरिया में एक छठियार समारोह के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। लौरिया-बेतिया एनएच-727 के किनारे पराउटोला बनकटवा और बसवरिया गांव के पास आयोजित समारोह में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब तेज रफ्तार बस सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचलते हुए निकल गई। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय समारोह में भोजपुरी गाने पर डांसर का कार्यक्रम चल रहा था और डांसर को देखने के दौरान बस चालक का संतुलन बिगड़ गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छठियार की तैयारी में जुटा था पूरा परिवार, कुछ ही देर में छा गया मातम

लौरिया प्रखंड के पराउटोला बनकटवा और बसवरिया गांव एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। करीब 350 घरों की इस बस्ती में शुक्रवार सुबह से ही शत्रुघ्न दुबे के घर पर खुशी का माहौल था। उनके बड़े बेटे देवेंद्र दुबे के बेटे के छठियार समारोह की तैयारियां चल रही थीं। घर-परिवार के अलावा रिश्तेदार, दोस्त और आसपास के लोग भी आयोजन में जुटे हुए थे।

छठियार पूजा के बाद भोज का आयोजन रखा गया था। करीब 350 लोगों को भोजन के लिए आमंत्रित किया गया था। देवेंद्र दुबे के मोटर लाइन से जुड़े कई दोस्त भी समारोह में पहुंचे थे। इनमें पियूष बस कंपनी, रामनगर में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल थे।

घर के सामने एनएच-727 के किनारे दो अलग-अलग सामियाने लगाए गए थे। एक सामियाने में मेहमानों के भोजन की व्यवस्था थी, जबकि दूसरे में ऑर्केस्ट्रा और डांस कार्यक्रम के लिए स्टेज बनाया गया था। इसके आसपास दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।

शाम तक पूजा और भोज, परिवार में था जश्न का माहौल

सावन का महीना होने के कारण समारोह में शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की गई थी। चावल, दाल, सब्जी, पापड़ और सलाद समेत कई व्यंजन तैयार किए जा रहे थे। शाम करीब 7:30 बजे तक छठियार की पूजा संपन्न हो चुकी थी और इसके बाद भोज शुरू हो गया।

सामियाना छोटा होने के कारण मेहमानों को एक-एक करके भोजन कराया जा रहा था। देवेंद्र दुबे के दोनों भाई मेहमानों को बैठाने और भोजन कराने में जुटे थे। परिवार में खुशी का माहौल था और किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद इसी खुशी के बीच एक दर्दनाक हादसा होने वाला है।

डांस देखने की ललक ने बदल दिया पूरा माहौल

ग्रामीणों के मुताबिक, समारोह लगभग समाप्ति की ओर था। इसी दौरान ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में भोजपुरी गाने पर नर्तकी डांस कर रही थी। बताया गया कि दर्शकों की फरमाइश पर भोजपुरी स्टार अरविंद अकेला कल्लू का गीत ‘आज तोहरे चलते गोली…’ बजाया जा रहा था और तेज आवाज में कार्यक्रम चल रहा था।

इसी दौरान एनएच-727 से एक बस वहां से गुजरी। ग्रामीणों का आरोप है कि बस चालक की नजर डांसर की ओर चली गई और इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ गया। बस सड़क के किनारे मौजूद लोगों को रौंदते हुए आगे निकल गई। अचानक हुए हादसे के बाद समारोह स्थल पर चीख-पुकार मच गई।

पांच लोगों की मौत, पांच घायल; कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए। घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों को स्वस्थ होने में समय लग सकता है। अजीत कुमार की हालत विशेष रूप से चिंताजनक बताई गई, जहां डॉक्टर मुंह और नाक से हो रहे रक्तस्राव को रोकने के प्रयास में जुटे रहे।

इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है, वहीं घायलों के परिजन आर्थिक परेशानियों के बावजूद उनके इलाज और जिंदगी बचाने की कोशिश में जुटे हैं।

मौत से करीब आधे घंटे पहले देवेंद्र ने किया था डांस

इस हादसे में जान गंवाने वाले देवेंद्र दुबे के परिवार में उस समय खुशियों का माहौल था। बताया गया कि हादसे से करीब आधे घंटे पहले देवेंद्र दोस्तों के आग्रह पर ऑर्केस्ट्रा के स्टेज पर पहुंचे थे।

भोजपुरी गीत पर उन्होंने करीब तीन मिनट तक डांस किया। इसके बाद वे घर के अंदर गए और परिवार की महिलाओं तथा महिला मेहमानों के भोजन आदि की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चे को गोद में लेकर दुलार भी किया।

इसके कुछ ही देर बाद देवेंद्र घर से बाहर निकले और पीछे की ओर खड़े हो गए। इसी दौरान बस वहां पहुंची और हादसे में उनकी जान चली गई। कुछ देर पहले तक जो व्यक्ति परिवार के साथ बच्चे के छठियार की खुशियां मना रहा था, उसकी अचानक मौत से पूरा परिवार टूट गया।

दो साल पहले इसी जगह भाई की भी गई थी जान

हादसे में जान गंवाने वाले पराउटोला बनकटवा निवासी भोला दुबे की कहानी भी बेहद दर्दनाक है। भोला, देवेंद्र दुबे के पट्टीदार थे और दोनों पियूष बस कंपनी में काम करते थे। समारोह में मोटर डिपार्टमेंट से जुड़े मेहमानों के स्वागत की जिम्मेदारी में भोला भी शामिल थे।

ग्रामीणों के मुताबिक, जिस स्थान के आसपास यह हादसा हुआ, वहां से करीब 100 मीटर की दूरी पर दो साल पहले एक अज्ञात वाहन ने भोला के बड़े भाई विजय दुबे को कुचल दिया था। उस हादसे में विजय की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि उस समय भी सावन का महीना था।

भोला दुबे बस चालक के रूप में काम करते थे और अपने दो बच्चों, एक बेटा और एक बेटी, का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी त्रासदी बन गई।

हादसे के बाद पियूष बस कंपनी की बसें नहीं चलीं

देवेंद्र दुबे और भोला दुबे पियूष बस कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारियों में शामिल थे। दोनों की मौत की खबर के बाद शनिवार को कंपनी की बसों का संचालन नहीं हुआ। यह कंपनी मुख्य रूप से रामनगर-बेतिया मार्ग पर बसें चलाती है।

कंपनी के अन्य कर्मचारी दोनों मृतकों की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। कंपनी के मालिक मुन्ना चौरसिया ने घटना पर दुख जताते हुए इसे बेहद मार्मिक और दुखद बताया।

पुलिस और एंबुलेंस टीम ने संभाला मोर्चा

दुर्घटना की सूचना मिलते ही लौरिया थाने की पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान के नेतृत्व में पुलिस चार एंबुलेंस लेकर घटनास्थल पर पहुंची। हादसे के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश था और मौके पर विरोध की स्थिति भी बनी।

विरोध के बीच पुलिस ने घायलों और प्रभावित लोगों को एंबुलेंस के जरिए लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। कुल दस लोगों को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। विरोध के दौरान एक एंबुलेंस को भी आंशिक नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।

चालक की लापरवाही या अचानक बिगड़ा संतुलन? जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

ग्रामीणों का दावा है कि बस चालक ने ऑर्केस्ट्रा में चल रहे डांस कार्यक्रम की ओर देखने के दौरान वाहन से नियंत्रण खो दिया। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और चालक की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। दुर्घटना के कारणों की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

एक तरफ नवजात बच्चे के छठियार को लेकर परिवार और रिश्तेदार खुशियां मना रहे थे, वहीं दूसरी तरफ सड़क पर हुए हादसे ने कुछ ही पलों में पूरे आयोजन को मातम में बदल दिया। जिस समारोह में बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के लिए खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां पांच लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

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