‘गला पकड़ा, चेहरा नोंचा और थप्पड़ मारे’, NSUI महिला कार्यकर्ता का दिल्ली पुलिस पर आरोप; राहुल गांधी बोले- वीडियो सबूत संभालकर रखें

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाते हुए पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता किए जाने के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान NSUI के कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लिए जाने के बाद मारपीट किए जाने का दावा किया। एक महिला प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि महिला कांस्टेबल ने उनका गला पकड़ा, चेहरे और कान के पास नाखूनों से खरोंच मारी और थप्पड़ भी जड़े। वहीं, राहुल गांधी ने छात्रों से घटना के वीडियो सबूत सुरक्षित रखने की अपील की और कहा कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इन सबूतों का इस्तेमाल किया जाएगा।

NSUI कार्यकर्ताओं की कथित पिटाई का मामला राहुल गांधी ने उठाया

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने और उनके साथ कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक चर्चा में है। राहुल गांधी ने NSUI कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके आरोपों को सामने रखा।

इस दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि ये बच्चे हिंदुस्तान की आवाज हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों की आवाज के सामने खड़े नहीं होने की अपील की। राहुल गांधी ने छात्रों से यह भी कहा कि वे कथित पुलिस कार्रवाई के वीडियो बनाएं और सबूतों को संभालकर रखें।

राहुल गांधी के मुताबिक, इन सबूतों का इस्तेमाल बाद में मामले में कार्रवाई की मांग करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित बर्बरता को भुलाया नहीं जाएगा।

NSUI कार्यकर्ता समर्थ का आरोप- थाने में 20 पुलिसकर्मियों ने पीटा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान NSUI कार्यकर्ता समर्थ ने हिरासत में लिए जाने के बाद कथित मारपीट की आपबीती सुनाई। समर्थ के अनुसार, NSUI के कार्यकर्ता 4 अक्टूबर से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि 5 अक्टूबर को उन्हें हिरासत में ले लिया गया और इसके बाद पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

समर्थ ने आरोप लगाया कि वहां वहाब सिंह तोमर नाम के पुलिसकर्मी समेत करीब 20 पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उनका यह भी दावा है कि इसके बाद उन्हें पीछे के रास्ते से बाहर निकाला गया और पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन से दिल्ली कैंट तक ले जाते समय कांस्टेबल अंकित कसाना ने उनके साथ मारपीट की।

समर्थ ने बताया कि इस दौरान उनके साथी धर्मेंद्र ने पुलिसकर्मियों को बताया कि उन्हें उल्टी आ रही है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि वे अपना बैग खोलें और उसी में उल्टी करें। ये आरोप NSUI कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का पक्ष सामने आना मामले की पूरी तस्वीर समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

राहुल गांधी ने महिला प्रदर्शनकारी को बताया ‘शेरनी’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने एक महिला प्रदर्शनकारी का परिचय कराते हुए उन्हें ‘शेरनी’ कहा। राहुल गांधी के मुताबिक, महिला के साथ कथित मारपीट हुई, लेकिन इसके बावजूद वह डरी नहीं और उसके मन में किसी के प्रति नफरत नहीं थी।

महिला प्रदर्शनकारी ने हिरासत के दौरान हुई घटनाओं का विवरण देते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के समय पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तीन बसों में बैठाया था। एक बस में दो लड़कियों के साथ NSUI के लगभग 20 से 30 कार्यकर्ता मौजूद थे। महिला के मुताबिक, उस बस में चंचल यादव नाम की एक महिला कांस्टेबल भी थीं।

महिला ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने बस से बाहर निकलकर दोबारा विरोध प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश की। उन्होंने बस को रोकने के लिए उसके नीचे बैठने का प्रयास भी किया, ताकि उनका विरोध जारी रह सके।

महिला कार्यकर्ता का आरोप- चंचल यादव ने गला पकड़ा और चेहरे पर खरोंच मारी

महिला प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बस रोकने और प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश की, तब महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनका गला पकड़कर खींचा और धक्का दे दिया। इसके कारण वह पीछे की ओर सीट पर गिर गईं।

महिला का दावा है कि इसके बाद कांस्टेबल ने उनके चेहरे और कान के पास नाखूनों से खरोंच मारी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस व्यवहार का विरोध किया, तो उन्हें थप्पड़ भी मारा गया। महिला के मुताबिक, इस दौरान कांस्टेबल ने उनसे कहा, ‘लो, एक और थप्पड़ खा लो।’

महिला प्रदर्शनकारी के इन आरोपों के बाद हिरासत के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और पुलिस के आधिकारिक पक्ष से ही हो सकेगी।

धर्मेंद्र कुमार ने भी पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप

NSUI के एक अन्य कार्यकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने भी हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया। धर्मेंद्र के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे बोलें, ‘दिल्ली पुलिस तुम्हारे पापा हैं।’

धर्मेंद्र ने दावा किया कि उन्हें बुरी तरह पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकित कसाना नाम के एक पुलिसकर्मी ने उनसे कहा कि वे अपने नेता को बुला लें, क्योंकि उन्हें बचाने कोई नहीं आएगा।

धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने साफ किया कि कथित मारपीट के बावजूद वे पीछे हटने के बजाय फिर से प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनके मुताबिक, वे अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे और जीतेंगे।

राहुल गांधी ने अमित शाह और नरेंद्र मोदी को लेकर क्या कहा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारियों की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में छात्र, युवा, पुरुष, महिला, धर्म और जाति से जुड़े भेदों से ऊपर उठकर एक आवाज उठ रही है, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी ने कहा, “अमित शाह जी… ध्यान से देख लीजिए, ये हिंदुस्तान है।” उन्होंने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह को इस आवाज के सामने खड़ा नहीं होना चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक इस आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के वीडियो सबूत सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि जब मामला आगे बढ़ेगा, तब इन सबूतों का इस्तेमाल किया जाएगा और जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।

‘FIR और दबाव की चिंता मत कीजिए, यह हमारा काम है’

राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उन्हें एफआईआर दर्ज कराने और मामले में दबाव बनाने को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि मामले को आगे बढ़ाया जाए और कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय हो।

राहुल गांधी ने रितु भराला का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, रितु भराला को हिरासत में लिया गया था और बस में चंचल यादव नाम की महिला कांस्टेबल ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि थाने ले जाने के बाद रितु के पैरों पर डंडों से मारा गया।

उन्होंने दिल्ली पुलिस को संबोधित करते हुए कहा कि इस कथित बर्बरता को भुलाया नहीं जाएगा। राहुल गांधी की ये टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों के संदर्भ में आई हैं।

रितु भराला बोलीं- डरेंगे नहीं, अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे

राहुल गांधी के बयान के दौरान रितु भराला की ओर से भी विरोध जारी रखने की बात कही गई। रितु का कहना है कि उन्हें जितना मारना है, मार लें, लेकिन वे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ लड़ेंगी और जीतेंगी।

इस पूरे मामले में NSUI कार्यकर्ताओं ने हिरासत के दौरान मारपीट, दुर्व्यवहार और धमकी दिए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने इन आरोपों को उठाते हुए वीडियो सबूत सुरक्षित रखने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ NSUI के प्रदर्शन के बाद हिरासत और कथित मारपीट का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। NSUI कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लेने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। एक महिला प्रदर्शनकारी ने गला पकड़ने, चेहरे पर खरोंच मारने और थप्पड़ जड़ने के आरोप लगाए हैं।

दूसरी ओर, इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि, संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष और उपलब्ध वीडियो या अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की बात कही है। अब इस पूरे प्रकरण में सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों और जांच से जुड़े निष्कर्षों पर नजर रहेगी।

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