गांधीनगर में निर्माणाधीन इमारत का स्लैब भरभराकर गिरा, 15 मजदूर मलबे में दबे; 12 घायल, डिप्टी CM मौके पर पहुंचे

कुडासन में निर्माणाधीन इमारत में बड़ा हादसा

गुजरात के गांधीनगर में बुधवार रात एक निर्माणाधीन इमारत में अचानक बड़ा हादसा हो गया। कुडासन इलाके के पास स्थित बोस्की द एम्पायर नाम की निर्माणाधीन इमारत का एक बड़ा स्लैब अचानक ढह गया। स्लैब गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरातफरी मच गई।

हादसे के समय करीब 15 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। रेस्क्यू टीम ने सभी 15 लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया।

12 मजदूर घायल, अस्पताल में कराया गया भर्ती

प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, मलबे से निकाले गए मजदूरों में 12 लोगों को चोटें आई हैं। सभी घायल मजदूरों को इलाज के लिए गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं, तीन अन्य लोगों को गंभीर चोटें नहीं आई थीं, इसलिए प्राथमिक उपचार और जांच के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राहत की बात यह है कि सभी दबे हुए मजदूरों को रेस्क्यू कर लिया गया है।

फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

हादसे की सूचना मिलते ही गांधीनगर फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों और पुलिस टीम ने मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश शुरू की।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीमों ने पूरी सावधानी बरती, ताकि मलबे में मौजूद किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। पुलिस और दमकलकर्मियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और दबे हुए मजदूरों को एक-एक करके बाहर निकाला।

क्रेन गिरने के बाद स्लैब ढहने की आशंका

हादसे की शुरुआती जानकारी में निर्माण स्थल पर क्रेन गिरने की बात सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि काम के दौरान क्रेन गिरने के बाद उसके प्रभाव से इमारत के स्लैब का बड़ा हिस्सा ढह गया।

हालांकि, प्रशासन ने अभी हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं की है। घटना की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्लैब गिरने के पीछे वास्तव में क्या कारण था।

वेल्डिंग के दौरान हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त निर्माणाधीन इमारत में वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का बड़ा स्लैब नीचे आ गिरा और उसके नीचे करीब 15 मजदूर दब गए।

घटना के बाद दमकलकर्मी और पुलिस की टीमें तत्काल मलबा हटाने में जुट गईं। रेस्क्यू टीम ने बेहद सावधानी के साथ मलबे की तलाशी ली, ताकि वहां फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

डिप्टी CM हर्ष संघवी घटनास्थल पर पहुंचे

हादसे की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया और अधिकारियों से पूरी स्थिति की जानकारी ली।

डिप्टी CM ने अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन को प्राथमिकता के साथ जारी रखने और जरूरत के मुताबिक सभी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बचाए गए मजदूरों के इलाज की स्थिति की भी जानकारी ली।

पुलिस ने मौके पर सुरक्षा बढ़ाई

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने निर्माण स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। हादसे की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचने लगे, जिसके कारण घटनास्थल के आसपास भीड़ जमा हो गई।

बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस ने लोगों को घटनास्थल से दूर किया। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव का काम जारी रखा गया।

निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

हादसे के बाद निर्माणाधीन इमारत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

जांच के दायरे में निर्माण की गुणवत्ता, निर्माण स्थल पर इस्तेमाल हो रही मशीनरी, क्रेन की स्थिति और उसके संचालन के अलावा वहां काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम भी शामिल किए जाएंगे।

हादसे की असली वजह जांच के बाद होगी साफ

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता हादसे में घायल मजदूरों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और घटनास्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस और प्रशासन की टीम हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

क्रेन गिरने और स्लैब ढहने के बीच क्या संबंध था, निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया और हादसे की वास्तविक वजह क्या रही, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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