Delhi Satyam Niketan PG Collapse: अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर, MCD ने 24 संपत्तियों पर की कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने से हुई सात लोगों की मौत के बाद राजधानी में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अवैध निर्माण वाली इमारतों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दिल्ली नगर निगम यानी MCD को राजधानी में संचालित हो रहे PG और हॉस्टलों की जांच करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद MCD की कार्रवाई तेज हो गई है। सत्य निकेतन में हादसे वाली PG बिल्डिंग के आसपास मौजूद कुछ इमारतों पर भी तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें एक गर्ल्स PG भी शामिल है। सुरक्षा को देखते हुए यहां रहने वाली छात्राएं PG खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रही हैं।
24 संपत्तियों पर तोड़फोड़, 7 अवैध ढांचे सील
MCD की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार तक 24 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी थी, जबकि 7 अवैध ढांचों को सील किया गया था। प्रशासन का फोकस उन इमारतों और निर्माणों पर है, जिन्हें नियमों का उल्लंघन करने वाला या लोगों की सुरक्षा के लिए जोखिम माना जा रहा है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन हो।
6 सितंबर को ढही थी पांच मंजिला PG बिल्डिंग
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को एक पांच मंजिला PG बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और बुधवार तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक, PG संचालकों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों से पूछताछ की है। पुलिस हादसे के पीछे संभावित कारणों और बिल्डिंग में किए जा रहे निर्माण या रेनोवेशन कार्य की भी जांच कर रही है।
PG मालिक, संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने हादसे के मामले में बुधवार को सुधांशु नाम के युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, वह इस इमारत में ‘हॉस्टल डेज’ नाम से PG चला रहा था। उसका पार्टनर शुभम त्यागी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। दोनों ने अगस्त 2025 में इस बिल्डिंग को लीज पर लिया था।
इससे पहले पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, उनके बेटे महेश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को गिरफ्तार किया था।
इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों में PG संचालन से जुड़े लोग, बिल्डिंग मालिक परिवार और निर्माण कार्य से जुड़ा ठेकेदार शामिल हैं।
कोर्ट ने हरिराम और उर्मिला को न्यायिक हिरासत में भेजा
सोमवार रात बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम बंसल और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत मिली।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान महेश ने बताया कि PG चलाने वाली कंपनी की शिकायत के बाद बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की समस्या को दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया जा रहा था।
बेसमेंट से पानी निकालने के बाद चल रही थी मशीन
पुलिस की जांच में सामने आया कि बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन का इस्तेमाल भी किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना के बीच संबंध हो सकता है और इन परिस्थितियों में बिल्डिंग का ढांचा दबाव नहीं झेल पाया।
हालांकि, यह पुलिस की जांच में सामने आई प्रारंभिक आशंका है। हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर जांच आगे भी जारी है।
ठेकेदार का दावा- 10 दिन पहले मिला था रेनोवेशन का काम
पुलिस पूछताछ में लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज ने बताया कि महेश गुप्ता ने उसे हादसे से करीब 10 दिन पहले रेनोवेशन के काम के लिए लगाया था। उसके मुताबिक, उसे इस काम के लिए रोजाना 2,800 रुपये दिए जाते थे।
ठेकेदार ने बताया कि काम का एक हिस्सा बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर लेवल पर लाने से संबंधित था। इसके लिए बेसमेंट में करीब तीन ट्रक मलबा भरने की बात सामने आई है।
दीवार हटाते ही ढह गई कमजोर इमारत?
जांच के दौरान ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर दुकान वाली जगह में एक दीवार काम में रुकावट पैदा कर रही थी। हादसे वाले दिन जगह बनाने के लिए कथित तौर पर उस दीवार को हटा दिया गया।
ठेकेदार के बयान के मुताबिक, दीवार हटाए जाने के बाद कमजोर इमारत अतिरिक्त लोड नहीं झेल सकी और अचानक ढह गई। पुलिस इन बयानों और निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पड़ोस के गर्ल्स PG में भी दिखीं दीवारों और छत में दरारें
हादसे के बाद आसपास की दूसरी इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ‘हॉस्टल डेज’ के पड़ोस में स्थित कनक लता गर्ल्स PG को भी अब गिराने की कार्रवाई की जा रही है।
इस गर्ल्स PG में रहने वाली छात्राओं ने अपने कमरों की दीवारों और छत में दिखाई दे रही दरारों के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। इन वीडियो के सामने आने के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल और गंभीर हो गए।
हादसे से कुछ मिनट पहले छात्राओं ने बनाया था वीडियो
दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेकेंड ईयर की छात्राएं अर्निका और मानसी भी इसी गर्ल्स PG में रहती थीं। उन्होंने हॉस्टल डेज की बिल्डिंग गिरने से कुछ मिनट पहले अपने कमरे का वीडियो बनाया था।
वीडियो में कमरे की दीवारों और छत पर दरारें साफ दिखाई दे रही थीं। वीडियो में 20 वर्षीय अर्निका को यह कहते हुए सुना गया कि “लगता है गिरने वाली है।”
इसके कुछ ही समय बाद सत्य निकेतन की पांच मंजिला PG बिल्डिंग के ढहने की घटना सामने आई, जिसके बाद आसपास रहने वाले छात्रों और लोगों में दहशत फैल गई।
सत्य निकेतन PG हादसा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
सत्य निकेतन PG हादसे की गूंज अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने संकेत दिया कि अदालत इस मुद्दे को केवल दिल्ली तक सीमित रखने के बजाय देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा कर सकती है।
मामले में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होनी है।
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की असुरक्षित इमारतों पर जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट के सामने यह मामला उस समय आया, जब अदालत द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरे यानी न्यायालय की सहायता करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत सिन्हा ने 6 सितंबर को हुए सत्य निकेतन हादसे का उल्लेख किया।
अजीत सिन्हा पहले से ही अवैध और असुरक्षित भवनों से जुड़े एक मामले में अदालत की सहायता कर रहे हैं। सत्य निकेतन हादसे का उल्लेख होने के बाद अदालत के सामने दिल्ली के साथ-साथ देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की सुरक्षा का व्यापक मुद्दा सामने आया।
सुप्रीम कोर्ट पहले भी अवैध इमारतों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। अब अदालत इन निर्देशों के पालन की स्थिति की समीक्षा करना चाहती है।
MCD के साउथ जोन के 5 अधिकारी सस्पेंड
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी अपने अधिकारियों पर कार्रवाई की है। MCD ने सोमवार को साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े चार अन्य अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक निलंबित किया गया है।
अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद MCD के साउथ जोन की जिम्मेदारी IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को अतिरिक्त प्रभार के तौर पर दी गई है।
शाश्वत सौरभ 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं।
अवैध PG और हॉस्टलों की जांच पर अब जोर
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार और MCD का फोकस अब अवैध निर्माण के साथ-साथ PG और हॉस्टलों की सुरक्षा जांच पर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी हॉस्टलों और PG की जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी इमारतों की पहचान की जा सके जहां नियमों का उल्लंघन या लोगों की सुरक्षा से जुड़ा जोखिम मौजूद हो सकता है।
सत्य निकेतन की घटना ने राजधानी में किराए के कमरों, PG और हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार और MCD की जांच के बाद कितनी और इमारतें कार्रवाई के दायरे में आती हैं और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान किस स्तर तक आगे बढ़ता है।
