गिरिडीह, मनोज कुमार: गिरिडीह कॉलेज में छात्र हितों और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा ने गुरुवार से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छह सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किए गए इस आंदोलन के जरिए छात्र मोर्चा ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय के सामने कई सवाल उठाए हैं। मोर्चा ने विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रखने के साथ-साथ कॉलेज की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
छात्र मोर्चा का कहना है कि कॉलेज एक शैक्षणिक संस्थान है और इसे राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने से बचाया जाना चाहिए। संगठन ने कॉलेज परिसर में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने की मांग की है।
छह सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन
झारखंड छात्र मोर्चा ने धरना-प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रशासन के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन की पहली मांग कॉलेज परिसर को राजनीतिक गतिविधियों से मुक्त रखने की है। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र को निर्धारित समय पर पूरा कराने और विद्यार्थियों की पढ़ाई को बिना व्यवधान जारी रखने की मांग की गई है।
मोर्चा का कहना है कि समय पर शैक्षणिक सत्र पूरा होना विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। संगठन ने कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन से इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
प्रोफेसर विनिता कुमारी की भूमिका की जांच की मांग
छात्र मोर्चा ने प्रोफेसर विनिता कुमारी की शैक्षणिक जिम्मेदारियों और राजनीतिक गतिविधियों में भूमिका की जांच कराने की मांग भी उठाई है। संगठन ने इस मामले में तथ्यों के आधार पर जांच किए जाने की बात कही है।
मोर्चा का कहना है कि कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रोफेसर सतीश यादव से जुड़े मामले की जांच की मांग
धरना दे रहे छात्रों ने प्रोफेसर सतीश यादव से संबंधित पूर्व के जेल जाने के मामले की भी जांच कराने की मांग की है। छात्र मोर्चा ने कहा है कि उपलब्ध दस्तावेजों और लागू नियमों के आधार पर इस मामले की जांच होनी चाहिए।
संगठन ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय से संबंधित सभी तथ्यों को सामने रखते हुए मामले की समीक्षा करने की मांग की है।
पूर्व प्राचार्य के कार्यकाल की जांच का मुद्दा
छात्र मोर्चा की छह सूत्रीय मांगों में गिरिडीह कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार के कार्यकाल के दौरान लिए गए प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों की निष्पक्ष जांच भी शामिल है।
मोर्चा ने इन निर्णयों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि कॉलेज के प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता आवश्यक है। संगठन चाहता है कि पूर्व प्राचार्य के कार्यकाल से जुड़े निर्णयों की स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से समीक्षा की जाए।
कॉलेज में पर्याप्त CCTV कैमरे लगाने की मांग
छात्रों ने कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। झारखंड छात्र मोर्चा ने परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था होने से कॉलेज परिसर की सुरक्षा मजबूत होगी और महत्वपूर्ण गतिविधियों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
छात्र मोर्चा बोला- विद्यार्थियों के हित में है आंदोलन
झारखंड छात्र मोर्चा ने कहा कि उसका आंदोलन विद्यार्थियों की समस्याओं और कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार से जुड़ा हुआ है। संगठन ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय से छह सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
मोर्चा का कहना है कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कॉलेज प्रशासन को उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के जरिए संगठन ने अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र रहे मौजूद
गुरुवार को आयोजित धरना-प्रदर्शन में झारखंड छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष अभय कुमार, जिला सचिव विशाल झा, जिला उपाध्यक्ष रौनक मिश्रा, रोहित कुमार, सुमेर वर्मा, बड्डी यादव, आर्यन वर्मा, सूरज मंडल, राज पांडे, बिट्टू यादव, आदित्य यादव, राकेश यादव, रितेश पाठक, करीना कुमारी, रोहित मरांडी, दुर्गा सोरेन, बिरन बास्की, गोविंद किस्कू, सावन मुर्मू, दीपक सोरेन, अस्टीफन मरांडी, सुनुलाल टुडू, सुनील मरांडी, पंकज मुर्मू, विमल मरांडी, संजीव मुर्मू और विनय हांसदा समेत अन्य छात्र मौजूद रहे।
फिलहाल छात्र मोर्चा की ओर से छह सूत्रीय मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया गया है। अब कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर छात्रों और कॉलेज से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।
