गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में बड़ी कार्रवाई: बूचड़खाने ले जाए जा रहे 8 मवेशी बरामद, 12.30 लाख की संपत्ति जब्त; 5 गिरफ्तार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ के गौरेला में पुलिस ने मवेशियों के अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो पिकअप वाहनों से आठ मवेशियों को बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, मवेशियों को बिना वैध दस्तावेजों के वाहनों में भरकर ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से पांच लोगों को हिरासत में लिया। मामले में दो पिकअप वाहन और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 12 लाख 30 हजार रुपये बताई है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी

पुलिस के अनुसार, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक आकाश बघेल देहात क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम खोंगसरा-लमनी डबरी की ओर से दो सफेद रंग की पिकअप गाड़ियों में मवेशियों को भरकर अमरकंटक और करंजिया के रास्ते जबलपुर की ओर ले जाया जा रहा है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने पकरिया स्थित फार्म हाउस के पास मेन रोड पर घेराबंदी कर दी। पुलिस को कुछ देर इंतजार के बाद खोंगसरा की दिशा से दो सफेद पिकअप वाहन आते दिखाई दिए। टीम ने दोनों वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली।

दोनों पिकअप में ठूंस-ठूंसकर भरे थे मवेशी

पुलिस के मुताबिक, जब दोनों पिकअप वाहनों की जांच की गई तो उनमें कुल आठ मवेशी मिले। प्रत्येक वाहन में चार-चार भैंस और भैंसा रस्सियों से बांधकर भरे गए थे। पुलिस ने आरोप लगाया कि मवेशियों को वाहनों में इस तरह रखा गया था कि वे ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे।

पहले पिकअप वाहन में राजकुमार कौशिक और प्रदीप चौधरी सवार मिले। वहीं दूसरे वाहन में मुकेश यादव, जगदीश चौधरी और शंकरलाल मौजूद थे। पुलिस ने सभी पांचों लोगों को मौके से हिरासत में ले लिया।

परिवहन के वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके आरोपी

वाहनों में मवेशी मिलने के बाद पुलिस ने उनसे पशुओं के परिवहन से संबंधित जरूरी और वैध दस्तावेज मांगे। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद लोग मवेशियों के परिवहन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मवेशियों को ग्राम खोंगसरा-लमनी डबरी क्षेत्र से लाया गया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मवेशियों को मेढ़ाखार, करंजिया में किसी व्यक्ति के पास ले जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे परिवहन नेटवर्क और मवेशियों के अंतिम गंतव्य को लेकर जांच कर रही है।

12.30 लाख रुपये की संपत्ति जब्त

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आठों मवेशियों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस के अनुसार, बरामद आठ मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये है। इसके अलावा दोनों पिकअप वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है।

जांच के दौरान आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है। इस तरह पुलिस ने मवेशियों, वाहनों और मोबाइल फोन समेत कुल करीब 12 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

पशु संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

मामले में गौरेला पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच के दौरान मवेशियों को कहां से लाया गया, उन्हें किसके पास पहुंचाया जाना था और इस परिवहन में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन सभी बिंदुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस जब्त मोबाइल फोन और वाहनों से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है, जिससे पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

कार्रवाई में पुलिस टीम के ये जवान रहे शामिल

मवेशियों के अवैध परिवहन की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में गौरेला पुलिस की टीम शामिल रही। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक संतोष बंजारे, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण मिश्रा और आरक्षक कौशलेन्द्र बघेल ने भी भूमिका निभाई।

पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध रूप से मवेशियों के परिवहन के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस बरामद मवेशियों तथा आरोपियों से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।

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