Neha Bora Detained: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के तीसरे दिन रविवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में लिया। AISA सदस्यों का आरोप है कि नेहा बोरा को बिना आधिकारिक नंबर प्लेट वाली एक निजी गाड़ी में बैठाकर प्रदर्शन स्थल से ले जाया गया और कुछ समय तक उनके बारे में जानकारी नहीं मिली। बाद में उन्हें नरेला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन से रिहा किए जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि, संगठन का कहना है कि रिहाई के समय नेहा बोरा का फोन और बैग उनके पास नहीं था। पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों पर अलग पक्ष भी सामने आया है।
तीसरे दिन भी जंतर-मंतर की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
दरअसल, दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कई संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी रहा। रविवार को AISA के कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों ने अशोका रोड स्थित आंध्र भवन सर्कल से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई थी।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। इसी दौरान नेहा बोरा को बैरिकेड पर चढ़ते हुए देखा गया। पुलिसकर्मी उन्हें रोकने की कोशिश करते नजर आए। इस प्रदर्शन में करीब 120 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
AISA का आरोप- बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी में ले गई पुलिस
नेहा बोरा की हिरासत को लेकर AISA की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन के सदस्यों का दावा था कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें एक निजी गाड़ी में हिरासत में लिया, जिस पर आधिकारिक नंबर प्लेट नहीं थी। AISA ने यह भी आरोप लगाया कि जिस वाहन में नेहा बोरा को ले जाया गया, उसमें कोई महिला पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थी।
संगठन के मुताबिक, नेहा बोरा को पहले अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जिससे उनके समर्थकों और संगठन के सदस्यों में चिंता बढ़ गई। इन आरोपों को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। बाद में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन आरोपों को निराधार बताया।
नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाने से हुई रिहाई
बाद में AISA की ओर से जानकारी दी गई कि नेहा बोरा को नरेला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया है। हालांकि, संगठन का कहना है कि रिहाई के बाद भी उनका फोन और बैग पुलिस के पास ही रह गया।
AISA ने बताया कि नेहा बोरा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में सहायता देने के लिए वकीलों की एक टीम पुलिस स्टेशन भेजी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संगठन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस ने भी लगाए प्रदर्शनकारियों पर आरोप
वहीं, इस मामले में पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने AISA की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला किया और उन्हें काटने तक की बात सामने आई।
इसलिए नेहा बोरा को लेकर सामने आए पूरे घटनाक्रम में फिलहाल दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। एक तरफ AISA पुलिस पर हिरासत की प्रक्रिया और वाहन को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर कथित हमले का आरोप लगाया है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन
दिल्ली में यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा है। प्रदर्शनकारी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इससे पहले 2 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान दिल्ली पुलिस ने 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, जिनमें AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई राजनीतिक नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।
दूसरे दिन भी हिरासत में ली गई थीं नेहा बोरा
प्रदर्शन के दूसरे दिन भी नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया था। 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की थी। उस दिन भी AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
लगातार तीन दिनों से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली के मध्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। जंतर-मंतर और आसपास के मार्गों पर पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।
फोन और बैग को लेकर AISA ने उठाए सवाल
नेहा बोरा की रिहाई के बाद उनके फोन और बैग का उनके पास नहीं होना अब विवाद का एक और मुद्दा बन गया है। AISA का कहना है कि इन सामानों को वापस दिलाने और नेहा बोरा को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए वकीलों की टीम पुलिस स्टेशन भेजी जा रही है।
फिलहाल नेहा बोरा की हिरासत, उन्हें निजी वाहन में ले जाने और उनके फोन-बैग को लेकर AISA के आरोपों पर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है। वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की ओर से सुरक्षाकर्मियों पर कथित हमले का आरोप लगाकर पूरे घटनाक्रम का अपना पक्ष सामने रखा है।
