Mumbai CJP Protest: मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से घोषित विरोध-प्रदर्शन को लेकर महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदर्शन और उससे जुड़े आरोपों पर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि अब पूरा मामला सामने आ चुका है और तथाकथित फेक नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने कथित फेक नैरेटिव को खत्म कर दिया है, इसके बावजूद उसे आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
शिवाजी पार्क में CJP ने किया प्रदर्शन का ऐलान
मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP ने 2 अक्टूबर को शाम चार बजे से विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की थी। प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह पहले ही स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि अब तथ्यों का पर्दाफाश हो चुका है और फेक नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिशों को कामयाबी नहीं मिलेगी।
फडणवीस ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और कथित वोट चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने इस कथित फेक नैरेटिव को समाप्त कर दिया है, इसके बावजूद इसे राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने भी साधा निशाना
बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने भी CJP के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि तथाकथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष राजनीतिक प्रदर्शन कर रहा है और इसे लोकतंत्र तथा संविधान बचाने की मुहिम के तौर पर पेश किया जा रहा है।
संजय निरुपम ने कहा कि विपक्ष की ओर से जिस कथित वोट चोरी को लेकर आंदोलन किया जा रहा है, उसका उद्देश्य राजनीतिक तौर पर अपनी स्थिति मजबूत करना है। उन्होंने विपक्ष के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की बात कही जा रही है।
‘अगर 13 करोड़ नाम कटे हैं तो बड़ी संख्या में लोग क्यों नहीं आए?’
संजय निरुपम ने विपक्ष के कथित दावे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वास्तव में करीब 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, तो शिवाजी पार्क और जंतर-मंतर जैसे प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में प्रभावित लोग नजर आने चाहिए थे।
उन्होंने दावा किया कि इन आंदोलनों में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के अलावा आम लोगों की बड़ी भागीदारी दिखाई नहीं दे रही है। निरुपम ने इसी आधार पर कथित वोट चोरी के आरोपों को खारिज किया और इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बताया।
हालांकि, वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को लेकर विपक्ष की ओर से अलग दावे किए जाते रहे हैं। ऐसे में इस पूरे विवाद के विभिन्न पक्षों को उनके संबंधित बयानों और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों के आधार पर देखना महत्वपूर्ण है।
CJP ने कहा- मुंबई में दोबारा लिखा जाएगा इतिहास
वहीं, CJP ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट के जरिए शिवाजी पार्क में होने वाले प्रदर्शन को लेकर उत्साह जाहिर किया। पार्टी की ओर से कहा गया कि शिवाजी पार्क में चारों तरफ तिरंगा दिखाई दे रहा है और गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई में इतिहास दोबारा लिखा जाएगा।
CJP की ओर से प्रदर्शन को लेकर लगातार संदेश जारी किए गए। संगठन ने इसे अपने राजनीतिक अभियान के तौर पर पेश किया और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की।
प्रदर्शन को लेकर शिवाजी पार्क में सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन की घोषणा के बाद मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी के बावजूद CJP ने कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दादर स्टेशन और शिवाजी पार्क मैदान के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की तैनाती की गई। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए रणनीतिक स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।
प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग
शिवाजी पार्क की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग भी की। सुरक्षा एजेंसियों ने भीड़ की संभावित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए इलाके में निगरानी बढ़ाई।
मुंबई के मध्य क्षेत्र में स्थित दादर और शिवाजी पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने विशेष तैयारियां कीं। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया।
फिलहाल शिवाजी पार्क में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज है। एक तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कथित वोट चोरी के मुद्दे को विपक्ष का फेक नैरेटिव बताया है, वहीं CJP ने अपने प्रदर्शन को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। प्रदर्शन के दौरान क्या स्थिति बनती है और इसमें कितनी संख्या में लोग शामिल होते हैं, इस पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।
