रांची/रामगढ़: झारखंड में रविवार को दो अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर हुए दर्दनाक हादसों ने खुशियों को मातम में बदल दिया। रांची के गेतलसूद डैम और रामगढ़ के पतरातू डैम में नहाने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। दोनों घटनाओं में युवक अपने दोस्तों के साथ घूमने पहुंचे थे। एक हादसे में युवक गहरे पानी में चला गया, जबकि दूसरे मामले में छात्र अपनी महिला मित्र को बचाने के प्रयास में खुद डूब गया।
गेतलसूद डैम में गहरे पानी में जाने से युवक की मौत
पहली घटना रांची जिले के अनगड़ा स्थित गेतलसूद डैम के रोज आइलैंड की है। जानकारी के अनुसार, बरियातू की मिल्लत कॉलोनी निवासी अर्शलान खान (22) रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे अपने पांच दोस्तों के साथ घूमने के लिए गेतलसूद डैम पहुंचा था।
कुछ देर बाद सभी दोस्त डैम में नहाने के लिए उतरे। इसी दौरान अर्शलान गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथियों ने तुरंत मदद की कोशिश की और प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे बचाव दल ने आठ गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाया। करीब रात 8:15 बजे अर्शलान का शव पानी से बाहर निकाला गया।
पतरातू डैम में दोस्त को बचाने गया छात्र खुद डूबा
दूसरी घटना रामगढ़ जिले के पतरातू डैम के कटुआ कोचा नाव घाट पर हुई। गिरिडीह निवासी अश्विनी रंजन (22) रांची में रहकर पढ़ाई करता था। रविवार को वह अपनी मित्र अदिति कुमारी तथा दोस्तों संदीप और शाहबाज के साथ दो बाइकों से पतरातू घूमने पहुंचा था।
डैम पहुंचने के बाद अश्विनी और अदिति पानी में नहाने उतरे, जबकि दोनों अन्य साथी किनारे पर मौजूद थे। इसी दौरान अदिति गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के लिए अश्विनी तुरंत आगे बढ़ा, लेकिन तेज गहराई और पानी के बहाव के कारण वह खुद भी डूब गया।
नाविकों ने युवती को बचाया, छात्र को नहीं बचाया जा सका
घटना के दौरान लोगों के शोर मचाने पर वहां मौजूद नाविक तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने अदिति कुमारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद काफी तलाश के बाद अश्विनी को भी पानी से बाहर निकाला गया और तत्काल सीएचसी पतरातू ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पर्यटन स्थलों पर बरतें सावधानी
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि डैम, झील और अन्य जलाशयों में नहाते समय विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने और गहराई का सही अनुमान न लग पाने के कारण ऐसे हादसों का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। प्रशासन भी पर्यटकों से सुरक्षित स्थानों पर ही रहने और चेतावनी संकेतों का पालन करने की अपील करता रहा है।
