दोस्त को शराब पिलाकर हत्या, शव के किए 5 टुकड़े; गोबर के गड्ढे में बोरे में छिपाई लाश, ऐसे खुला राज

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक बेहद सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। सिगरा थाना क्षेत्र के शिवपुरवा निवासी 19 वर्षीय ईशू कन्नौजिया की हत्या उसके ही तीन दोस्तों ने कथित तौर पर बदला लेने के लिए कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले ईशू को शराब पिलाई और इसके बाद उसकी हत्या कर शव को कई हिस्सों में काट दिया। शव को प्लास्टिक के बोरे में भरकर गोबर से भरे गड्ढे में छिपा दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों प्रदीप और रामकृष्ण उर्फ रामकिशन के अलावा उनके दोस्त रोहित को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर लहरतारा मार्ग स्थित खखड़िया पोखरी के पास रेलवे के खंडहरनुमा क्वार्टर के नजदीक गोबर के गड्ढे से शव बरामद किया गया।

6 अगस्त को घर से निकला था ईशू

पुलिस के अनुसार, ईशू कन्नौजिया 6 अगस्त की शाम घर से निकला था। वह अक्सर रात में घर नहीं लौटता था, इसलिए परिवार ने शुरुआत में ज्यादा चिंता नहीं की। लेकिन अगले दिन दोपहर तक उसके वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

परिजनों ने ईशू के दोस्तों और रिश्तेदारों से भी जानकारी ली, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। कई दिन बीतने के बाद परिवार ने 17 अगस्त को सिगरा थाने में उसकी गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

पुरानी मारपीट को बताया हत्या की वजह

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ईशू और आरोपियों के बीच पहले से विवाद था। पुलिस के मुताबिक, 3 अगस्त को शराब पीने के दौरान ईशू ने प्रदीप की पिटाई कर दी थी। प्रदीप इस घटना से कथित तौर पर नाराज था और उसने बदला लेने की योजना बनाई।

इसके बाद ईशू को बुलाने की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त की रात उसे बुलाया गया और अगले दिन तीनों आरोपी उसे लहरतारा-महमूरगंज पानी की टंकी के पास रेलवे के पुराने क्वार्टर की ओर ले गए।

शराब पिलाने के बाद हत्या का आरोप

पुलिस के मुताबिक, सुनसान जगह पर आरोपियों ने ईशू को शराब पिलाई। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि रोहित और रामकृष्ण ने ईशू के हाथ पकड़ लिए, जबकि प्रदीप ने चापड़ से उसकी हत्या कर दी।

जांच के अनुसार, वारदात 7 अगस्त को दोपहर करीब 1:30 बजे हुई। हत्या के बाद शव को कई हिस्सों में काटकर प्लास्टिक के बोरे में रखा गया। पुलिस ने बताया कि शव के सिर और धड़ को अलग किया गया था और हाथ-पैर भी अलग किए जाने की बात सामने आई है।

शव को गोबर के गड्ढे में क्यों छिपाया?

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए ऐसी जगह चुनी, जहां किसी को जल्द शक न हो। पुलिस के अनुसार, शव को प्लास्टिक के बोरे में भरकर गोबर से भरे गड्ढे में डाल दिया गया।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शव को इस तरह छिपाने की कोशिश की थी कि आसपास से गुजरने वाले लोगों को शव की दुर्गंध का अंदाजा न हो सके। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी प्रदीप ने कथित तौर पर YouTube पर शव छिपाने का तरीका देखा था।

अंतिम कॉल ने पुलिस को पहुंचाया आरोपियों तक

ईशू की गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR खंगाली। जांच में पता चला कि ईशू के मोबाइल पर आखिरी कॉल उसके दोस्त प्रदीप की थी।

इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने प्रदीप से पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सर्विलांस और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की मदद से उससे पूछताछ आगे बढ़ाई।

इसके बाद पुलिस के मुताबिक, प्रदीप ने हत्या की बात स्वीकार कर ली और शव को छिपाने की जगह के बारे में जानकारी दी।

रात में बरामद हुआ शव

आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार रात करीब 10 बजे पुलिस ने गोबर के गड्ढे से प्लास्टिक के बोरे में रखा शव बरामद किया। पुलिस के अनुसार, लंबे समय तक गोबर में दबे रहने के कारण शव काफी सड़-गल चुका था।

बरामद शव को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा स्थित मुर्दाघर में रखवाया गया। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

ईशू पर पहले से दर्ज थे पांच मुकदमे

पुलिस के अनुसार, मृतक ईशू कन्नौजिया के खिलाफ सिगरा और भेलूपुर थानों में मारपीट समेत अन्य आरोपों में पांच प्राथमिकी दर्ज थीं। सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने उसे मनबढ़ किस्म का युवक बताया।

हालांकि, पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों का इस हत्या की जांच में अलग से परीक्षण किया जा रहा है। हत्या की वजह के तौर पर फिलहाल आरोपियों द्वारा बताई गई पुरानी मारपीट और उससे पैदा हुआ विवाद सामने आया है।

घटना के बाद इलाके में मचा हड़कंप

ईशू की हत्या और शव बरामद होने की खबर मिलते ही शिवपुरवा इलाके में सनसनी फैल गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थिति को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद डीसीपी काशी जोन, एडीसीपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी मौके और मामले की जानकारी ली। पुलिस अब हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपियों के बयानों की जांच कर रही है।

पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर के अनुसार, 6 अगस्त से लापता ईशू की गुमशुदगी 17 अगस्त को दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान उसके मोबाइल की CDR और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को अहम सुराग मिले।

पुलिस के मुताबिक, प्रदीप ने ही ईशू को बुलाया था और शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या की गई। मामले में प्रदीप, उसके सगे भाई रामकिशन और उनके दोस्त रोहित को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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