निशु आजाद के पिता पर हमले का मामला गरमाया, दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया

Swatantra Bhardwaj Detained: निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पॉडकास्ट वीडियो के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। वायरल वीडियो में भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार पर हमला करने का दावा किया था। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

वायरल पॉडकास्ट वीडियो के बाद बढ़ा विवाद

मामले ने उस वक्त नया मोड़ लिया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। वायरल वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते दिखाई दिए कि उन्होंने निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर पर हमला किया था और उनका सिर फोड़ दिया था।

वीडियो में कथित तौर पर उन्होंने यह भी दावा किया कि संजय कुमार को करीब 60 टांके लगे थे। इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि इतनी गंभीर चोट होने के बावजूद उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। पॉडकास्ट में भारद्वाज ने राजनीतिक नेताओं से अपने कथित संबंधों का भी उल्लेख किया था। वायरल वीडियो की वजह से मामले को लेकर सवाल और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों तेज हो गए।

CJP, कांग्रेस और चंद्रशेखर आजाद ने उठाई कार्रवाई की मांग

वीडियो सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी। CJP की ओर से आशुतोष रांका और सौरव दास, कांग्रेस की छात्र इकाई से विनोद जाखड़ तथा नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत कई नेता संसद मार्ग थाने पहुंचे।

नेताओं ने पुलिस से मामले में उचित और सख्त कार्रवाई करने की मांग की। CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि मामले में पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। संगठन के नेताओं का कहना है कि वायरल वीडियो में घटना को लेकर भारद्वाज के कथित बयान के बाद पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ क्या हुआ था?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ हाथापाई हुई थी। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी।

पुलिस के मुताबिक घटना के बाद संजय कुमार को इलाज के लिए RML अस्पताल ले जाया गया था। वहां हुई मेडिकल जांच में चोटों को मामूली बताया गया था। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक चोट किसी हथियार से लगने की बात सामने नहीं आई थी।

‘कड़े से लगी थी चोट’, पुलिस ने बताया

दिल्ली पुलिस के अनुसार, संजय कुमार के सिर पर चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि आरोपी के पहने हुए कड़े से लगी थी। पुलिस का कहना है कि खोपड़ी फटने जैसी बात मेडिकल रिपोर्ट से पुष्ट नहीं होती।

पुलिस के इस बयान के बाद वायरल पॉडकास्ट में किए गए कथित दावों और मेडिकल रिपोर्ट के बीच अंतर को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में मामले में आगे की जांच के दौरान वायरल वीडियो और पहले की घटना से जुड़े तथ्यों को मिलाकर देखा जा सकता है।

घटना के समय स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को लिया गया था हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने बताया कि 23 जून को हुई घटना के समय स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को मौके से हिरासत में लिया गया था। पुलिस के मुताबिक दोनों से पूछताछ भी की गई थी।

अब पॉडकास्ट वीडियो वायरल होने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब विभिन्न राजनीतिक संगठनों की ओर से मामले में कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जा रही थी।

वायरल वीडियो के बाद फिर राजनीतिक मुद्दा बना मामला

संजय कुमार पर कथित हमले का यह मामला अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है। वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस, CJP और आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने इसे लेकर आवाज उठाई है। वहीं पुलिस ने घटना की परिस्थितियों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अपना पक्ष रखा है।

फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है। वायरल पॉडकास्ट में किए गए कथित दावों, 23 जून की जंतर-मंतर की घटना और मेडिकल रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों को जांच के दौरान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष से तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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