Jammu Kashmir Terrorist Yasir Killed: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। ऑपरेशन अशदर (Op Ashdar) के तहत चलाए गए अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकी मारा गया है। मारे गए आतंकी की पहचान यासिर के रूप में की गई है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक यासिर पाकिस्तान का रहने वाला था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यासिर लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था। उसका नाम क्षेत्र में हुए कई गंभीर आतंकी हमलों से जोड़ा गया है। शुरुआती जानकारी में कम से कम पांच बड़े हमलों में उसकी कथित भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। इन हमलों में भारतीय सेना और वायुसेना के जवानों के अलावा नागरिक पोर्टरों की भी मौत हुई थी।
तीन दिन तक चला ऑपरेशन अशदर
सुरक्षा बलों को खुफिया सूचना मिली थी कि बारागांव के जंगलों में आतंकवादियों का एक बड़ा समूह छिपा हुआ है। इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने करीब तीन दिन पहले इलाके में अभियान शुरू किया। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आतंकियों ने सुरक्षा बलों से बचने के लिए जंगल के अंदर ठिकाना बना लिया था।
अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। लगातार चले ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी आतंकी यासिर को मार गिराया। हालांकि, उसके कुछ साथी घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
यासिर के मारे जाने के बाद सर्च ऑपरेशन तेज
यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया है। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके साथ कितने अन्य आतंकी सक्रिय थे और वे किस दिशा में भागे हैं।
फरार आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया गया है। जंगल के संभावित ठिकानों और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं। अभियान का उद्देश्य फरार आतंकियों को पकड़ना और उनके नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी हासिल करना है।
कई बड़े आतंकी हमलों में यासिर का नाम
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक यासिर का नाम जम्मू-कश्मीर में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जोड़ा गया था। इनमें पुंछ और बारामुला क्षेत्र में हुए हमले भी शामिल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार इन हमलों में सुरक्षा बलों और नागरिक पोर्टरों को निशाना बनाया गया था।
धनाशाह सितार हमला
4 मई 2024 को पुंछ के धनाशाह सितार इलाके में भारतीय वायुसेना के काफिले को आतंकियों ने निशाना बनाया था। इस हमले में वायुसेना का एक जवान शहीद हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यासिर का नाम इस हमले से भी जोड़ा गया है।
भट्टा दुर्रियां में दो बड़े हमले
11 अक्टूबर 2021 को पुंछ के भट्टा दुर्रियां इलाके में हुए आतंकी हमले में सेना के नौ जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा 20 अप्रैल 2023 को इसी इलाके में हुए एक अन्य बड़े हमले में सेना के पांच जवानों की जान चली गई थी। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक दोनों मामलों में यासिर की भूमिका की जानकारी सामने आई थी।
बूटा पथरी हमला
25 अक्टूबर 2024 को बारामुला के बूटा पथरी इलाके में भी आतंकियों ने हमला किया था। इस घटना में सेना के दो जवानों और दो नागरिक पोर्टरों की मौत हुई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले को भी यासिर से जोड़कर देखा है।
डेरा की गली में जवानों को बनाया गया निशाना
21 दिसंबर 2023 को पुंछ के डेरा की गली इलाके में आतंकियों ने सेना के जवानों पर हमला किया था। इस हमले में चार सैन्यकर्मी शहीद हुए थे। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक यासिर का नाम इस हमले की जांच में भी सामने आया था।
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था पाकिस्तानी आतंकी
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक मारा गया आतंकी यासिर पाकिस्तान का रहने वाला था और उसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा से था। एजेंसियों के लिए उसका मारा जाना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा था।
उसके खिलाफ जुड़े पुराने मामलों और आतंकी हमलों की जानकारी को अब सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रही हैं। माना जा रहा है कि यासिर के नेटवर्क और उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारी आगे की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
फरार आतंकियों की तलाश में बढ़ाया गया अभियान
ऑपरेशन अशदर के दौरान यासिर के मारे जाने के बावजूद सुरक्षाबलों का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। जंगल में छिपे या भाग निकले अन्य आतंकियों की तलाश जारी है। सुरक्षा बल इलाके में संभावित ठिकानों की तलाशी ले रहे हैं और आतंकियों के भागने के संभावित रास्तों पर भी नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता फरार आतंकियों को तलाशना और सक्रिय आतंकी नेटवर्क को खत्म करना है। यासिर के मारे जाने को इसी अभियान की एक अहम सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
