काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर ढहने के बाद आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ और मलबे की चपेट में आए लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। आपदा के 11वें दिन शनिवार को उस समय बचाव दल के चेहरे पर उम्मीद लौटी, जब सैकड़ों मीटर गहरी हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग से एक चीनी नागरिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसी दौरान एक चार मंजिला मकान के मलबे से 60 वर्षीय महिला को भी जिंदा बचाया गया।
सबसे भावुक कर देने वाली बात यह रही कि महिला के परिवार ने कई दिनों तक उसका कोई पता नहीं चलने के बाद उसे मृत मान लिया था। परिवार की ओर से कुश से बने पुतले का सांकेतिक अंतिम संस्कार तक कर दिया गया था। ऐसे में महिला का मलबे से जिंदा निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
225 मीटर गहरी सुरंग में फंसे थे चीनी नागरिक
नेपाल सेना के अनुसार, अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की करीब 225 मीटर गहरी ‘आदित टनल 4’ में फंसे चीनी नागरिक लु हाईताओ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाव अभियान में दक्षिण कोरिया की टीम ने भी मदद की।
अधिकारियों के मुताबिक लु हाईताओ को सुरंग से बाहर निकाले जाने के बाद उनकी मेडिकल जांच की गई। उनके शरीर पर किसी गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं और उनकी हालत स्थिर बताई गई। हालांकि उन्हें हाइपोथर्मिया यानी शरीर का तापमान सामान्य से काफी कम होने का मामूली असर बताया गया।
नेपाल सेना की ओर से जारी फुटेज में लु हाईताओ को हेलिकॉप्टर में प्राथमिक चिकित्सा दी जाती दिखाई दी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए आर्मी अस्पताल ले जाया गया।
सुरंग से सुरक्षित निकाला गया तीसरा व्यक्ति
लु हाईताओ को इस परियोजना की सुरंग से बचाया गया तीसरा व्यक्ति बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को अपर त्रिशूली-3ए परियोजना की सुरंग से दो अन्य लोगों को सुरक्षित निकाला गया था।
हालांकि अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में अभी भी 900 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है। यही वजह है कि राहत और बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया है।
सड़कों और पुलों के बह जाने के कारण कई इलाकों का जमीनी संपर्क टूट गया है। ऐसे में लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 20 हेलिकॉप्टर राहत और बचाव अभियान में लगाए गए हैं।
परिवार ने मान लिया था मृत, फिर मलबे से जिंदा निकलीं चंदिका
नेपाल के नुवाकोट जिले के बिदुर कस्बे के बेत्रावती इलाके में भी बचाव दल को बड़ी सफलता मिली। यहां चंदिका कुमारी श्रेष्ठ को उनके चार मंजिला मकान की सबसे ऊपरी मंजिल के मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कई दिनों तक महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने के कारण उनके परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था। परिवार ने कुश से बने पुतले का सांकेतिक अंतिम संस्कार भी कर दिया था। लेकिन बचाव अभियान के दौरान चंदिका के जिंदा मिलने की खबर ने सभी को हैरान कर दिया।
नेपाल सेना की तस्वीरों में चंदिका कुमारी श्रेष्ठ को मलबे और कीचड़ से लथपथ अवस्था में बाहर निकाला जाता देखा गया।
बेहोशी की हालत में मिलीं चंदिका, हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया
आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के प्रवक्ता शैलेंद्र थापा के मुताबिक, चंदिका कुमारी श्रेष्ठ को बेहोशी की हालत में मलबे के बीच से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें हेलिकॉप्टर के जरिए काठमांडू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दोनों रेस्क्यू ऑपरेशन ने राहत और बचाव अभियान में जुटी टीमों के बीच उम्मीद बढ़ाई है। लगातार कई दिनों से मलबे में दबे और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
आपदा में 1344 लोगों की मौत, 5000 से ज्यादा लापता बताए गए
इस भीषण आपदा में मरने वालों की संख्या 1344 तक पहुंचने की बात सामने आई है। वहीं 5000 से अधिक लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी दी गई है। इनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के तहत अब तक 13,100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी है। हालांकि कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने के कारण लापता लोगों की तलाश चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
तिब्बत में भी भारी नुकसान
ग्लेशियर आपदा का असर नेपाल के साथ तिब्बत में भी देखने को मिला है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तिब्बत में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग लापता बताए गए हैं।
नेपाल में मरने वालों में 85 बच्चों के शामिल होने की भी पुष्टि की गई है। इससे इस आपदा की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
501 शवों के अंग गायब होने की जानकारी
आपदा के बाद बरामद किए गए शवों की पहचान करना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक 501 शवों के शरीर के कुछ अंग गायब हैं। इनमें सबसे ज्यादा 360 शव चितवन जिले से बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब तक केवल 98 शव उनके परिजनों को सौंपे जा सके हैं। बाकी शवों की पहचान और डीएनए जांच की प्रक्रिया जारी है।
1030 शव अस्थायी रूप से दफनाए गए
अस्पतालों में शवों को रखने की क्षमता खत्म होने के कारण करीब 1030 शवों को अस्थायी तौर पर दफनाया जा चुका है। अधिकारियों की ओर से इन शवों के डीएनए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि आगे चलकर उनकी पहचान कर परिजनों को सौंपा जा सके।
इस बीच बचाव दल सुरंगों, मकानों के मलबे और प्रभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 11वें दिन चीनी नागरिक लु हाईताओ और 60 वर्षीय चंदिका कुमारी श्रेष्ठ का जिंदा मिलना इस अभियान में उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर सामने आया है।
11वें दिन भी जारी है जिंदगी की तलाश
नेपाल की इस भयावह आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद बचाव अभियान में जुटी टीमें मलबे और सुरंगों में जिंदगी की तलाश लगातार जारी रखे हुए हैं।
11वें दिन दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की घटनाओं ने यह उम्मीद कायम रखी है कि मलबे और सुरंगों के भीतर अभी भी जिंदगी मौजूद हो सकती है। राहत एजेंसियों और सुरक्षा बलों का अभियान जारी है और अब निगाहें उन लोगों पर टिकी हैं, जिनका कई दिनों से कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
