बिहार : बिहार की राजधानी पटना में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद हालात अचानक हिंसक हो गए। अगमकुआं थाना क्षेत्र के बड़ी पहाड़ी इलाके में तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। आक्रोशित भीड़ ने बस समेत कई वाहनों में आग लगा दी, पुलिस और मीडिया कर्मियों पर पथराव किया तथा पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सड़क हादसे के बाद भड़का लोगों का गुस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतनी तेजी से हुआ कि युवक को संभलने का मौका नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और भीड़ ने दुर्घटनाग्रस्त बस को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा एक पुलिस चेक पोस्ट में भी आगजनी की गई, कई अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ बसों के शीशे भी तोड़ दिए गए।
पुलिस और पत्रकार भी बने निशाना
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जब आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। पुलिस पर पथराव किया गया, वहीं घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर रहे पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया। इस दौरान इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस की तीन गाड़ियों में लगाई आग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जीरो माइल के पास सड़क दुर्घटना के बाद भड़की हिंसा के दौरान गुस्साई भीड़ ने पुलिस की तीन जीपों में आग लगा दी। दमकल की टीम को भी मौके तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि सड़क पर भारी जाम और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर हालात को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की।
10 किलोमीटर तक लगा लंबा जाम
हिंसा और सड़क जाम के कारण पूरे इलाके में यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। जानकारी के मुताबिक लगभग 10 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और जिला प्रशासन लगातार सड़क खाली कराने और यातायात सामान्य करने की कोशिश में जुटे रहे।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, हालात पर प्रशासन की नजर
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है।
सड़क हादसों के बाद पहले भी हो चुके हैं ऐसे विरोध
पटना और उसके आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों में सड़क हादसों के बाद विरोध प्रदर्शन और तनाव की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। हाल ही में गौरीचक थाना क्षेत्र में भी एक भीषण सड़क हादसे में ऑटो सवार मां और बेटी की मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
