पश्चिम बंगाल में 11 साल की बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा; जिंदा तालाब में फेंके जाने की आशंका, SIT जांच तेज

पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर इलाके में 11 वर्षीय बच्ची की कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक निष्कर्षों से संकेत मिले हैं कि बच्ची को गंभीर रूप से घायल करने के बाद तालाब में फेंका गया था और उस समय वह संभवतः जीवित थी। मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है।

जन्मदिन के लिए घर से निकली, फिर लापता हो गई बच्ची

पुलिस के अनुसार, बच्ची शनिवार को अपने एक मित्र के जन्मदिन के लिए उपहार खरीदने घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा तलाश शुरू किए जाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और खोजबीन शुरू हुई।

कुछ समय बाद बच्ची का शव दक्षिण 24 परगना के सूर्यपुर हाट क्षेत्र में एक तालाब से बरामद किया गया। शव एक बोरी में मिला, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए कई अहम संकेत

प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि निजी अंगों पर चोट के संकेत मिलने के साथ-साथ शरीर पर खरोंच और काटने जैसे निशान भी दर्ज किए गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सिर पर गंभीर चोट के प्रमाण मिले हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चोट किसी भारी वस्तु से हमला करने के कारण लगी या किसी कठोर सतह पर पटकने से हुई।

फेफड़ों और पेट में पानी मिलने से जांच को मिला नया पहलू

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान फेफड़ों और पेट में पानी मिलने के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर जांच टीम इस संभावना की भी पड़ताल कर रही है कि बच्ची तालाब में फेंके जाने के समय जीवित रही हो। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष विस्तृत फॉरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस का कहना है कि मौत का कारण सिर की गंभीर चोट और डूबने से जुड़ी परिस्थितियों की संयुक्त जांच के आधार पर तय किया जाएगा।

CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच आगे बढ़ी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इलाके के सीसीटीवी फुटेज में चार लोगों को बच्ची के साथ जाते हुए देखा गया है। उनकी पहचान करने की प्रक्रिया जारी है और सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

इसी क्रम में पुलिस ने आनंद सरदार नामक एक आरोपी को सोमवार दोपहर सर्च ऑपरेशन के दौरान शहर के बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल फोन की टावर लोकेशन के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाया गया। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है।

SIT करेगी पूरे मामले की विस्तृत जांच

पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) की निगरानी में छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच एजेंसियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी सबूतों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला। विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ द्वारा एक संदिग्ध व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की भी सूचना सामने आई है। इस घटना की भी पुलिस अलग से जांच कर रही है।

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