हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। बोर्ड ने अपने करीब 43 हजार कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सात प्रमुख बैंकों के साथ कॉरपोरेट सैलरी पैकेज को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 30 लाख रुपये से लेकर 1.50 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिल सकेगा। खास बात यह है कि इस योजना से बिजली बोर्ड पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
शिमला में हुआ एमओयू, सात प्रमुख बैंक हुए शामिल
मंगलवार को शिमला स्थित विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य बिजली बोर्ड और सात प्रमुख बैंकों के बीच आधिकारिक रूप से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना, निदेशक (वित्त) श्रवण कुमार मांटा, कार्यकारी निदेशक (कार्मिक) ईशा ठाकुर, मुख्य लेखा परीक्षक अर्जुन सिंह ठाकुर और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस कॉरपोरेट सैलरी पैकेज में पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक और कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को शामिल किया गया है।
कर्मचारियों को मिलेगा पसंद का बैंक चुनने का विकल्प
नई व्यवस्था के तहत बिजली बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनभोगी अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार शामिल सात बैंकों में से किसी भी बैंक का कॉरपोरेट सैलरी पैकेज चुन सकेंगे। बोर्ड ने उन्हें अपने मौजूदा बैंक खाते को कॉरपोरेट सैलरी अकाउंट में अपग्रेड करने या इच्छानुसार किसी अन्य सहभागी बैंक में स्थानांतरित करने का विकल्प भी दिया है।
इससे कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर बैंकिंग सेवाओं के साथ अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
30 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक मिलेगा बीमा कवर
बोर्ड के निदेशक (वित्त) श्रवण कुमार मांटा ने बताया कि कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (Personal Accident Insurance) और टर्म लाइफ इंश्योरेंस (Term Life Insurance) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बीमा कवर की राशि संबंधित बैंक और कर्मचारी की वेतन श्रेणी के आधार पर तय होगी, जो न्यूनतम 30 लाख रुपये से लेकर अधिकतम 1.50 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इसके अलावा कई अन्य विशेष बैंकिंग सुविधाएं भी पैकेज का हिस्सा होंगी।
जोखिमपूर्ण कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर
बोर्ड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने कहा कि बिजली क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी अक्सर कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे कर्मचारियों की वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पहल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बोर्ड का मानना है कि इस फैसले से कर्मचारियों को न केवल व्यापक बीमा सुरक्षा मिलेगी, बल्कि बैंकिंग सेवाओं में भी बेहतर विकल्प और सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनका आर्थिक संरक्षण और मजबूत होगा।
