उत्तराखंड : उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से जुड़े चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने कई घंटे तक चली पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद यह कार्रवाई की। इस घटनाक्रम ने न केवल प्रशासनिक हलकों बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
SIT की जांच में तेजी, मंदिर से जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य
मामले की जांच के दौरान SIT की टीम गुरुवार सुबह बद्रीनाथ मंदिर पहुंची और मंदिर के सीसीटीवी कंट्रोल रूम से पिछले महीने की रिकॉर्डिंग से जुड़ी हार्ड डिस्क, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लिए। इसके बाद तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने देर रात तक सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच की।
जांच एजेंसी का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड और वीडियो फुटेज पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई को गति दी गई।
CCTV फुटेज के आधार पर बढ़ा संदेह
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान कथित रूप से 22 जून, 25 जून और 29 जून को दान गणना कक्ष में नकदी की हेराफेरी करते हुए दिखाई दिए। इन वीडियो साक्ष्यों के सामने आने के बाद SIT ने उनसे विस्तृत पूछताछ शुरू की और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा और बढ़ा दिया।
चार घंटे की पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
शुक्रवार को SIT ने राजेंद्र चौहान से करीब चार घंटे तक लगातार पूछताछ की। अधिकारियों ने उनके जवाबों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का मिलान करने के बाद दोपहर 2:59 बजे उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की पुष्टि बद्रीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने भी की है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बद्रीनाथ थाने लाया गया, जहां उनसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ जारी है।
अब चोरी की रकम और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर हेराफेरी की गई कुल राशि कितनी थी और क्या इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। SIT डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है।
शनिवार को अदालत में होगी पेशी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए पूर्व मंदिर अधिकारी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। वहीं जोशीमठ के सीओ मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से साझा की जाएगी।
श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना मामला
देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शामिल बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
