घर की सफाई के दौरान कई बार ऐसी चीजें मिल जाती हैं, जो वर्षों पुरानी यादों को ताजा कर देती हैं। लेकिन सोचिए, अगर सफाई करते समय किसी दिवंगत परिजन की पुरानी बैंक पासबुक मिल जाए और उसमें लाखों रुपये जमा होने का पता चले, तो क्या होगा? हाल ही में सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक परिवार को अपने दिवंगत दादा जी की करीब 20 साल पुरानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की पासबुक मिली, जिसमें करीब 1 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद परिवार के मन में सबसे बड़ा सवाल उठा कि इतने वर्षों बाद और अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद क्या इस रकम पर दावा किया जा सकता है?
सफाई के दौरान मिली पुरानी पासबुक, परिवार रह गया हैरान
बताया जा रहा है कि पूजा नाम की एक महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पुरानी पासबुक की तस्वीर साझा की। उनके अनुसार, घर की सफाई करते समय परिवार के एक सदस्य को यह पासबुक मिली। जब इसे ध्यान से देखा गया तो पता चला कि यह उनके दिवंगत दादा जी का एसबीआई बैंक खाता था, जिसके बारे में परिवार वर्षों पहले भूल चुका था।
पासबुक में दर्ज रकम देखकर परिवार हैरान रह गया। दावा किया गया कि खाते में करीब 1 लाख रुपये जमा थे। उस समय के हिसाब से यह राशि काफी बड़ी मानी जाती थी, इसलिए परिवार के लिए यह जानकारी किसी अप्रत्याशित खोज से कम नहीं थी।
सोशल मीडिया पर उठा बड़ा सवाल
पासबुक मिलने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या इतने पुराने और लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खाते का पैसा अब भी मिल सकता है? चूंकि खाताधारक का निधन हो चुका है, इसलिए महिला ने सोशल मीडिया पर लोगों से बैंकिंग नियमों के बारे में जानकारी मांगी और पूछा कि क्या इस रकम पर कानूनी रूप से दावा किया जा सकता है।
RBI के नियम क्या कहते हैं?
इस मामले के वायरल होने के बाद कई लोगों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों का हवाला देते हुए जानकारी साझा की। बैंकिंग नियमों के अनुसार, यदि किसी बैंक खाते में जमा राशि पर 10 वर्षों तक कोई दावा नहीं किया जाता, तो उसे Unclaimed Deposits के रूप में Depositor Education and Awareness Fund (DEAF) में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि खाताधारक या उसके कानूनी उत्तराधिकारी उस राशि पर अपना अधिकार खो देते हैं। उचित दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से इस रकम पर दावा किया जा सकता है।
पैसा वापस पाने के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
यदि किसी दिवंगत व्यक्ति के बैंक खाते में जमा राशि पर दावा करना हो, तो संबंधित बैंक शाखा में आवेदन करना होता है। इसके लिए आमतौर पर खाताधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र, कानूनी उत्तराधिकारी होने का प्रमाण (Legal Heir Certificate) और दावा करने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र प्रस्तुत करना पड़ता है।
यदि खाते में पहले से किसी नॉमिनी का नाम दर्ज है, तो प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो जाती है। वहीं, यदि कोई नॉमिनी नहीं है, तो बैंक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) या अन्य आवश्यक कानूनी दस्तावेज मांग सकता है। दस्तावेजों की जांच के बाद बैंक नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करता है।
पुराना बैंक खाता मिलने पर घबराएं नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी परिवार को वर्षों पुरानी बैंक पासबुक या निष्क्रिय बैंक खाते की जानकारी मिलती है, तो बिना किसी भ्रम के संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करना चाहिए। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने पर लंबे समय से निष्क्रिय खाते में जमा राशि भी नियमानुसार प्राप्त की जा सकती है।
