Bihar News: Patna News: बिहार में रेलवे नेटवर्क के विस्तार, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान बिहार में नई रेल परियोजनाओं, लंबित योजनाओं को गति देने, दीपावली और छठ महापर्व पर अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, औद्योगिक निवेश और आईटी सेक्टर के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सीतामढ़ी से अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। इसके अलावा मढ़ौरा और मधेपुरा रेल कारखानों की उत्पादन क्षमता दोगुनी करने, गयाजी के औद्योगिक क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने और बिहार में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर भी महत्वपूर्ण बातचीत हुई।
सीतामढ़ी-अयोध्या के बीच चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने सीतामढ़ी और अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति जताई। इस रेल सेवा के शुरू होने से बिहार के सीतामढ़ी और उत्तर प्रदेश के अयोध्या के बीच यात्रियों का सफर पहले से अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।
सीतामढ़ी माता सीता की जन्मस्थली के रूप में धार्मिक महत्व रखता है, जबकि अयोध्या भगवान श्रीराम की नगरी के रूप में विश्व प्रसिद्ध है। ऐसे में दोनों धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक रेल सेवा से जोड़ने से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही धार्मिक पर्यटन और दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मढ़ौरा और मधेपुरा रेल कारखानों की उत्पादन क्षमता होगी दोगुनी
बैठक में बिहार के मढ़ौरा और मधेपुरा स्थित रेल इंजन निर्माण कारखानों के भविष्य और उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इन दोनों कारखानों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर विचार किया गया।
चर्चा के दौरान मौजूदा उत्पादन व्यवस्था वर्ष 2028 में समाप्त होने के लगभग छह महीने बाद नए स्वरूप में उत्पादन दोबारा शुरू करने की दिशा में पहल करने की बात सामने आई। इसके साथ ही दोनों रेल कारखानों की उत्पादन क्षमता दोगुनी करने पर भी जोर दिया गया।
इस योजना के लागू होने से बिहार में रेलवे से जुड़े औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
गयाजी के IMC को रेलवे से जोड़ने की तैयारी, नई संपर्क रेल लाइन का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के सामने उठाया।
इस पर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यदि बिहार सरकार आवश्यक भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करती है तो रेलवे डोभी-चतरा रेल लाइन से गयाजी के औद्योगिक क्षेत्र तक नई संपर्क रेल लाइन बिछाने के लिए तैयार है।
इस रेल संपर्क के विकसित होने से औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पादों को दूसरे राज्यों तथा बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। इससे गयाजी में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को लॉजिस्टिक्स और परिवहन के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिल सकता है।
बिहटा-औरंगाबाद और सुल्तानगंज-कटोरिया रेल परियोजनाओं में तेजी लाने पर चर्चा
बैठक के दौरान बिहार की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बिहटा-औरंगाबाद और सुल्तानगंज-कटोरिया रेल लाइन परियोजनाओं के काम में तेजी लाने का विषय उठाया।
इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इन रेल लाइनों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने और यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा प्रस्तावित विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन के अंतर्गत गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल के निर्माण के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इस पुल के निर्माण से रेल और सड़क दोनों माध्यमों से संपर्क व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी। खासकर गंगा के दोनों किनारों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकती है।
दीपावली और छठ पर बिहार के लिए 15 हजार ट्रेनों का इंतजाम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीपावली और छठ महापर्व के दौरान बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए केंद्रीय रेल मंत्री से विशेष ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया।
इस पर अश्विनी वैष्णव ने बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए बिहार के लिए ट्रेनों के संचालन की संख्या बढ़ाई गई है। जानकारी के मुताबिक, सामान्य तौर पर संचालित लगभग 12 हजार ट्रेनों की तुलना में दीपावली और छठ के अवसर पर 15 हजार ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की गई है।
त्योहारों के दौरान दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब, हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग बिहार पहुंचते हैं। ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को घर पहुंचने और त्योहार के बाद वापस लौटने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जनवरी 2027 में गुरु गोविंद सिंह जी के 360वें प्रकाश पर्व पर चलेंगी अतिरिक्त ट्रेनें
पटना साहिब में जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 360वें प्रकाश पर्व को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि इस बड़े धार्मिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए 9 जनवरी से 16 जनवरी 2027 के बीच बिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों से पटना साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
प्रकाश पर्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त रेल सेवाओं की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार में बनेगी बड़ी मैन्युफैक्चरिंग सिटी, चमड़ा और वस्त्र उद्योग पर जोर
रेलवे परियोजनाओं के अलावा बैठक में बिहार को औद्योगिक विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार में एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने विशेष रूप से चमड़ा और वस्त्र उद्योग पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता बताई। इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के बीच बिहार में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए निवेश आकर्षित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में राज्य में चल रही आईटी परियोजनाओं, खासकर बिहार वन परियोजना की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया गया।
राजापाकर में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग लगाने की तैयारी
बिहार में बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना की संभावनाओं को लेकर वैशाली जिले के राजापाकर क्षेत्र पर भी चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सुझाव दिया कि राजापाकर में उपलब्ध भूमि का ए-3 आकार का विस्तृत नक्शा तैयार कराया जाए। इस नक्शे में सड़क और रेल कनेक्टिविटी, बिजली आपूर्ति लाइन तथा अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए।
इसका उद्देश्य बड़े निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए उपयुक्त जमीन चुनने में सुविधा देना है। केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि इस नक्शे के आधार पर फॉक्सकॉन जैसी बड़ी कंपनी को अपनी जरूरत के अनुसार जमीन के चयन का विकल्प दिया जा सकता है।
यदि इस दिशा में पहल आगे बढ़ती है तो बिहार में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
बिहार में बड़ी BPO कंपनी स्थापित कराने की मुख्यमंत्री ने रखी मांग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए किसी बड़ी बीपीओ (BPO) कंपनी को राज्य में प्रमुख निवेशक के रूप में स्थापित कराने का अनुरोध भी केंद्रीय मंत्री से किया।
इसका उद्देश्य बिहार के युवाओं को आईटी और सेवा क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बड़ी बीपीओ कंपनियों के आने से राज्य में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ आईटी सेक्टर का विस्तार भी हो सकता है।
बैठक में बिहार वन परियोजना सहित राज्य में चल रही सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी योजनाओं की नियमित समीक्षा और उन्हें प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
रेलवे, उद्योग और आईटी के क्षेत्र में बिहार को नई दिशा देने की तैयारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच हुई इस मुलाकात में बिहार के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए। सीतामढ़ी-अयोध्या वंदे भारत एक्सप्रेस, मढ़ौरा और मधेपुरा रेल कारखानों की क्षमता दोगुनी करने, गयाजी IMC को रेल नेटवर्क से जोड़ने, गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल और त्योहारों पर अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन जैसे विषय बैठक के प्रमुख केंद्र रहे।
इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग सिटी, सेमीकंडक्टर उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश और बड़ी बीपीओ कंपनी स्थापित करने की संभावनाओं पर हुई चर्चा बिहार के औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और संबंधित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर नजर रहेगी।
