बिहार : भोजपुर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। मृतक के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन के सामने कई अहम मांगें रखीं और आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर देर रात बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध कार घूमती देखी गई। परिवार का दावा है कि यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। परिजनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भरत तिवारी की मां आशा देवी 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगी।
दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भरत तिवारी की बहन रूबी देवी ने कहा कि परिवार की सबसे बड़ी मांग उन सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की गिरफ्तारी है, जिन पर उन्हें संदेह है। उन्होंने बताया कि इस मामले में एसडीपीओ, थाना प्रभारी (SHO) सहित कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। उनका कहना है कि जब तक आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी मां का अनशन जारी रहेगा।
परिवार ने सुरक्षा की उठाई मांग
परिजनों ने कहा कि घटना के बाद पूरा परिवार भय के माहौल में रह रहा है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन को परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जांच से पहले परिवार को सूचना देने की मांग
परिवार ने यह भी मांग रखी कि एनकाउंटर मामले की जांच के लिए आने वाले किसी भी अधिकारी को पहले उन्हें सूचना देनी चाहिए। उनका कहना है कि इससे वे जांच में पूरा सहयोग कर सकेंगे और अपना पक्ष भी स्पष्ट रूप से रख पाएंगे।
ग्रामीणों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गांव के कई निर्दोष लोगों को भी मामले में शामिल कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में 14 नामजद और करीब 50 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष समीक्षा कर निर्दोष लोगों के नाम हटाने की मांग की है।
बिना नंबर प्लेट वाली कार से रेकी का आरोप
परिवार ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देर रात उनके घर के आसपास बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध कार घूमती दिखाई दी। परिजनों के अनुसार, यह पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने आशंका जताई कि परिवार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और किसी भी समय कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
परिवार का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती की गई। परिजनों ने बताया कि इस मामले की जानकारी संबंधित डीएसपी को भी दे दी गई है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कर संदिग्ध कार और उसमें सवार लोगों की पहचान की जाए। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। परिवार ने दोहराया कि उनकी सभी मांगें न्याय, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा से जुड़ी हैं तथा जब तक उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिलेगी, तब तक वे अपनी कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रखेंगे।
