नई दिल्ली/पटना, 2 नवंबर 2026: भारत को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026’ का भव्य उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए। चार दिनों तक चलने वाला यह वैश्विक सम्मेलन अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
इस सम्मेलन की सबसे खास बात यह है कि इसमें दुनिया के 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा 40 से अधिक देशों के मंत्री भी इस वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में यह आयोजन न केवल भारत की स्वच्छ ऊर्जा संबंधी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का अवसर है, बल्कि दुनिया के सामने निवेश और औद्योगिक साझेदारी की नई संभावनाएं खोलने वाला मंच भी माना जा रहा है।
‘निवेश करें, नवाचार करें, प्रेरित करें’ की थीम पर हो रहा चार दिवसीय आयोजन
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026 का आयोजन 2 नवंबर से 5 नवंबर तक किया जा रहा है। इस चार दिवसीय वैश्विक सम्मेलन की थीम ‘निवेश करें, नवाचार करें, प्रेरित करें’ रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा यानी Renewable Energy के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना, नई तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा देना तथा विभिन्न देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करना है।
इस आयोजन में दुनियाभर के नीति-निर्माता, बड़े निवेशक, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां हिस्सा ले रही हैं। सम्मेलन के दौरान स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य, नई तकनीकों, औद्योगिक विकास और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा होगी।
130 से अधिक देशों की भागीदारी, 40 से ज्यादा मंत्री भी होंगे शामिल
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी हो रही है, जबकि 40 से अधिक मंत्री भी इसमें शामिल हो रहे हैं। इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भारत के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी क्षमता और उपलब्धियों को दुनिया के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है।
सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी नई तकनीकों, अनुभवों और निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके साथ ही ऊर्जा उत्पादन को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने के लिए तकनीकी सहयोग तथा औद्योगिक साझेदारी के नए रास्तों पर भी चर्चा की जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया से ब्रिटेन तक कई देश बने कंट्री पार्टनर
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026 में कई प्रमुख देश कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल हो रहे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं।
इन देशों की भागीदारी से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों के विकास तथा निवेश के नए अवसरों पर भी सहयोग बढ़ सकता है।
13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश दिखाएंगे अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता
इस वैश्विक आयोजन में भारत के 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता, निवेश के अवसरों और विनिर्माण क्षेत्र की संभावनाओं को प्रदर्शित करेंगे। इसमें बिहार के अलावा आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
इन राज्यों की भागीदारी का उद्देश्य अपने यहां उपलब्ध नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों, औद्योगिक संभावनाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत करना है। इससे राज्यों को स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने का अवसर मिलेगा।
बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह वैश्विक सम्मेलन?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस सम्मेलन में भागीदारी बिहार के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से बिहार को अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता, औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
बिहार की भागीदारी से राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, नई तकनीकों को अपनाने और अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक साझेदारी को विस्तार देने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। इसके साथ ही राज्य को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रहे निवेशकों और औद्योगिक संस्थानों के साथ जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
कुल मिलाकर, भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026 भारत को स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भागीदारी से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ बिहार के लिए भी निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास के नए अवसरों का मंच बन सकता है।
