Tripura News: BSF जवानों पर तस्करों का जानलेवा हमला, जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा; 8 आरोपी गिरफ्तार, CM माणिक साहा ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

त्रिपुरा: भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के आशाबाड़ी इलाके में सोमवार, 2 नवंबर को तस्करी के संदिग्धों ने BSF जवानों को घेरकर उन पर बेरहमी से हमला कर दिया। हमले में तीन जवान घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने जवानों को जमीन पर गिराकर पीटा और उनके हथियार छीनने की भी कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने BSF की सरकारी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। वहीं, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

तस्करी रोकने पहुंची BSF की टीम पर अचानक हुआ हमला

जानकारी के मुताबिक, 2 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गेट नंबर 174 और 175 के पास BSF की 49वीं बटालियन के जवान तस्करी रोकने के लिए अभियान चला रहे थे। इसी दौरान जवानों ने एक संदिग्ध तस्कर हफजुर रहमान का पीछा कर उसे पकड़ लिया।

बताया जा रहा है कि संदिग्ध को पकड़े जाने के बाद अचानक बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए और BSF जवानों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने जवानों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान तीन जवान जमीन पर गिर गए और उन्हें बेरहमी से पीटा गया। आरोपियों ने जवानों के हथियार छीनने की भी कोशिश की। हमले में तीनों जवानों को गंभीर चोटें आईं।

BSF की सरकारी गाड़ी में भी की गई तोड़फोड़

जवानों पर हमला करने के साथ ही हमलावरों ने सुरक्षा बल की सरकारी गाड़ी को भी निशाना बनाया। आरोपियों ने वाहन में जमकर तोड़फोड़ की। घटना की जानकारी मिलते ही अशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट से अतिरिक्त BSF जवान मौके पर पहुंचे।

अतिरिक्त सुरक्षा बल के पहुंचने के बाद हमलावर वहां से भाग निकले। इसके बाद घायल जवानों की स्थिति और घटनास्थल का जायजा लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस और BSF अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हमले की कड़ी निंदा की

BSF जवानों पर हुए इस हमले को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आशाबाड़ी में बहादुर BSF जवानों पर बदमाशों के समूह द्वारा किया गया हमला बेहद निंदनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों के खिलाफ इस तरह की हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। देश की सुरक्षा में तैनात जवानों पर हमला बेहद चिंताजनक है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को उनके किए की सजा दिलाई जाएगी।

आठ आरोपी गिरफ्तार, बाकी हमलावरों की तलाश जारी

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि आशाबाड़ी और बॉक्सानगर इलाके में BSF जवानों पर हुए हमले के सिलसिले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सुरक्षा बलों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और इसमें शामिल लोगों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी।

CCTV कैमरे में कैद हुई हमले की पूरी घटना

BSF जवानों पर हुए हमले की तस्वीरें घटनास्थल के पास लगे CCTV कैमरों में भी कैद हुई हैं। पुलिस और BSF ने CCTV फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

फुटेज के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान करने और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद भी आशाबाड़ी इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

त्रिपुरा में BSF जवानों पर हुए इस हमले ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी रोकने के दौरान जवानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीमा पर तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए BSF के जवान लगातार अभियान चलाते हैं। ऐसे में कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों पर हमला होना चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस और BSF पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

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