सोशल मीडिया पर इन दिनों मेट्रो के अंदर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती सफर के दौरान “How To Kill Men” शीर्षक वाली किताब पढ़ती नजर आ रही है। किताब का नाम सामने आते ही इंटरनेट पर बहस शुरू हो गई और यूजर्स ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। कई लोगों ने इसे मजाकिया अंदाज में लिया, जबकि कुछ ने इसे मौजूदा सामाजिक माहौल से जोड़कर अपनी राय रखी।
किताब के नाम ने खींचा लोगों का ध्यान
वीडियो में युवती मेट्रो की सीट पर बैठकर शांति से किताब पढ़ती दिखाई देती है। आसपास बैठे अन्य यात्री अपने-अपने काम में व्यस्त नजर आते हैं। हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान किताब के कवर पर लिखे शीर्षक “How To Kill Men” ने खींचा, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर होने लगा।
वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कमेंट किए, जबकि कुछ लोगों ने किताब के शीर्षक को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए।
क्या सचमुच किताब का विषय वही है, जो शीर्षक बताता है?
किताब का शीर्षक देखने के बाद कई लोगों ने अनुमान लगाया कि इसमें पुरुषों को नुकसान पहुंचाने या मारने के तरीके बताए गए होंगे। हालांकि केवल शीर्षक के आधार पर किसी पुस्तक की पूरी सामग्री के बारे में निष्कर्ष निकालना सही नहीं माना जा सकता। किसी भी पुस्तक का वास्तविक विषय उसके पूरे संदर्भ और सामग्री को पढ़ने के बाद ही समझा जा सकता है।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने लोगों से बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष निकालने से बचने की भी अपील की।
वीडियो को लेकर उठे सवाल, क्या यह सिर्फ वायरल होने की कोशिश थी?
वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह संभावना भी जताई कि यह क्लिप केवल इंटरनेट पर वायरल होने या ट्रेंड का हिस्सा बनने के उद्देश्य से बनाई गई हो सकती है। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि युवती किताब खोले बैठी है, जबकि उसका ध्यान बीच-बीच में पास बैठी एक अन्य यात्री के मोबाइल फोन की ओर भी जाता दिखाई देता है। इसी आधार पर कुछ लोगों ने वीडियो की प्रामाणिकता और उद्देश्य पर सवाल उठाए हैं।
हालिया घटनाओं के बीच बढ़ी सोशल मीडिया पर चर्चा
यह वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ है, जब हाल के कुछ चर्चित मामलों के बाद सोशल मीडिया पर पुरुषों की सुरक्षा, महिला-पुरुष संबंधों और कानूनों को लेकर पहले से ही बहस जारी है। कई यूजर्स ने इस वायरल वीडियो को उन्हीं चर्चाओं से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी वायरल वीडियो, किताब के शीर्षक या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी व्यक्ति की सोच, मंशा या व्यवहार के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा और अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाओं का विषय बना हुआ है।
