Gen Z के लिए PM मोदी का बड़ा ऐलान: 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, गरीब-मिडिल क्लास छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का प्लान

PM Modi Gen Z Announcement: स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को सबसे अहम बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की बात कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोचिंग क्लास की बढ़ती प्रतिस्पर्धा गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन चुकी है। कई परिवारों को लगता है कि अगर बच्चों को कोचिंग नहीं भेजा तो वे पीछे रह जाएंगे। सरकार इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन फ्री कोचिंग की व्यवस्था करने की दिशा में काम करेगी।

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग

लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में युवाओं की भूमिका सबसे बड़ी है। इसी सोच के साथ सरकार ने आने वाले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग देने का संकल्प लिया है।

प्रधानमंत्री के मुताबिक, इसका उद्देश्य देश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मजबूत बनाना है, ताकि भारत के युवा भविष्य की तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता विकसित कर सकें।

AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कारोबार और रोजगार जैसे क्षेत्रों को बदल रहा है। ऐसे में युवाओं को AI से जुड़ी स्किल देने की पहल आने वाले समय में रोजगार और नई तकनीकी क्षमताओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को फ्री ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कोचिंग संस्थानों पर बढ़ते खर्च को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग क्लास अब कई गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बन चुकी हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि कई परिवारों के बीच ऐसी मानसिकता बन गई है कि बच्चों को कोचिंग नहीं भेजा तो वे विकसित परिवारों की दौड़ में पीछे रह जाएंगे। सरकार इस चिंता को समझती है और अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।

इस ऐलान से उन छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से महंगे कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाते हैं।

Gen Z और Gen Alpha पर पीएम मोदी का फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में देश की नई पीढ़ी यानी Gen Z और Gen Alpha को विकसित भारत की यात्रा का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और नए विचारों को देश की सबसे बड़ी ताकतों में शामिल किया।

AI जैसी नई तकनीक से युवाओं को जोड़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में ऑनलाइन संसाधनों को बढ़ावा देने का ऐलान इसी दिशा में देखा जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी और साधक युवा है। इसलिए युवाओं को भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

खेलों में भी भारत का दायरा बढ़ाने की तैयारी

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में केवल AI और शिक्षा की बात नहीं की, बल्कि खेलों को लेकर भी बड़ा विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत 2036 के ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में दावेदारी कर रहा है और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेलों की दुनिया में अपनी जगह लगातार मजबूत कर रहा है। जब भारतीय खिलाड़ी पोडियम पर पहुंचते हैं तो राष्ट्रगान बजता है और तिरंगा लहराता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए खेलों का क्षेत्र भी व्यापक अवसर लेकर आया है।

जिन खेलों में भारत की मौजूदगी नहीं, वहां तलाशेंगे टैलेंट

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय खेलों की एक बड़ी चुनौती की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में करीब सवा तीन सौ स्पर्धाएं होती हैं, लेकिन इनमें से लगभग दो-तिहाई खेलों में भारत की मौजूदगी नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि अब उन खेल विधाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है, जिनमें भारत की भागीदारी बेहद कम या नहीं के बराबर है। सरकार का प्रयास ऐसे खेलों में देश की प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना होगा।

गांव-गांव जाकर खोजी जाएगी खेल प्रतिभा

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर भारत को 2036 के ओलंपिक के लिए मजबूत खिलाड़ी तैयार करने हैं तो केवल मौजूदा खिलाड़ियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए आज के 5 से 10 साल के बच्चों पर भी ध्यान देना होगा।

उन्होंने खेल प्रतिभा की पहचान के लिए गांव-गांव तक अभियान चलाने और बच्चों में छिपी प्रतिभा को तलाशने की जरूरत बताई। पीएम मोदी ने कहा कि जिन खेलों में भारत अभी पीछे है, उनमें नई प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें उचित प्रशिक्षण और अवसर देने पर जोर दिया जाएगा।

2036 ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी का संदेश

पीएम मोदी के मुताबिक, 2036 के ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों की तैयारी आज से ही शुरू करनी होगी। इसके लिए कम उम्र में प्रतिभा की पहचान करना और उसे लंबे समय तक प्रशिक्षण देना जरूरी होगा।

AI स्किल ट्रेनिंग, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और खेल प्रतिभा खोजने के ऐलान को एक साथ देखें तो प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में शिक्षा, तकनीक, रोजगार और खेल के जरिए युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर खास जोर दिखाई दिया।

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