महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के उमरखेड़ में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। उमरखेड़-ढाणकी मार्ग स्थित जाकीर हुसैन वार्ड परिसर में एक ब्लास्टिंग ट्रैक्टर में वेल्डिंग का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। पुलिस जांच के मुताबिक, हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 10 लोग घायल बताए गए हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि ट्रैक्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
वेल्डिंग के दौरान अचानक हुआ जोरदार ब्लास्ट
पुलिस के अनुसार, हादसा शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे किसान वेल्डिंग वर्कशॉप के सामने हुआ। बालदी निवासी अप्पाराव माधवराव बोक्से के स्वामित्व वाला ब्लास्टिंग ट्रैक्टर क्रमांक MH 29 VH 2528 वेल्डिंग के लिए वर्कशॉप के सामने लाया गया था।
ट्रैक्टर पर वेल्डिंग का काम चल ही रहा था कि अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रैक्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
आसपास खड़े वाहनों को भी पहुंचा नुकसान
ब्लास्टिंग ट्रैक्टर में हुए विस्फोट का असर आसपास खड़े वाहनों पर भी पड़ा। घटनास्थल के पास खड़ी मारुति ईको, जिसका नंबर MH 03 BC 1880 बताया गया है, और बोलेरो मैक्स पिकअप, जिसका नंबर MH 29 T 6942 है, भी क्षतिग्रस्त हुईं।
विस्फोट की सूचना मिलते ही उमरखेड़ पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से विस्फोटक सामग्री से जुड़े अहम सबूत भी जुटाए।
मौके से मिली विस्फोटक सामग्री
पुलिस शिकायत में घटनास्थल से ब्लास्टिंग में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री मिलने का उल्लेख किया गया है। मौके से सफेद रंग की करीब 40 से 50 अर्धविस्फोटित ट्यूब मिलने की बात कही गई है, जिन पर ‘Super Power 90 (Emulsion Explosives) SOLAR’ लिखा हुआ बताया गया। इसके अलावा लाल रंग की Cordex Wire के बंडल भी मिलने की जानकारी सामने आई है।
इन विस्फोटक सामग्रियों की मौजूदगी ने हादसे को लेकर जांच को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री ट्रैक्टर में किस उद्देश्य से रखी गई थी और इसे वहां तक कैसे पहुंचाया गया।
हादसे में चार लोगों की मौत
पुलिस जांच के मुताबिक, विस्फोट में चार लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान अविनाश केशव बेले (35), निवासी बालदी तांडा, वैभव अप्पाराव बोक्से (20), निवासी बालदी, शेख जावेद शेख जमीर (23), निवासी जाकीर हुसैन वार्ड और सैयद शाहजेब सैयद अनिस (15), निवासी आजाद वार्ड के रूप में बताई गई है।
हादसे में ट्रैक्टर मालिक अप्पाराव माधवराव बोक्से (55) और वेल्डिंग का काम कर रहे बाशीद खान रशीद खान (32), निवासी काजीपुरा, उमरखेड़ गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। अन्य घायलों को भी उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
उमरखेड़ और नांदेड के अस्पतालों में घायलों का इलाज
विस्फोट के बाद घायल लोगों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार उमरखेड़ और नांदेड के अस्पतालों में जारी है। हादसे में घायल लोगों की स्थिति और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस जांच के बाद और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
ट्रैक्टर मालिक, चालक और विस्फोटक सप्लायर पर मामला दर्ज
उमरखेड़ पुलिस थाने में इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस कार्रवाई में ट्रैक्टर मालिक, चालक और कथित तौर पर बिना अनुमति विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को शामिल किया गया है।
मामले में बालदी निवासी ट्रैक्टर मालिक अप्पाराव माधवराव बोक्से (55), उनके मृतक बेटे वैभव और ढाणकी निवासी बलीराम नरवाडे (50) का नाम सामने आया है। पुलिस अब मामले में विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति, उसके इस्तेमाल और ट्रैक्टर पर वेल्डिंग किए जाने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
ब्लास्टिंग ट्रैक्टरों में विस्फोटक रखने को लेकर उठे सवाल
उमरखेड़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में ब्लास्टिंग के काम से जुड़े ट्रैक्टरों और उनमें रखी जाने वाली विस्फोटक सामग्री को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग भी सामने आ रही है कि विस्फोटक सामग्री रखने और उसका इस्तेमाल करने वाले वाहनों की जांच की जाए।
लोगों का कहना है कि विस्फोटक सामग्री को संभालने के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रशिक्षण का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशासन से ऐसे वाहनों और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जांच करने की मांग की जा रही है।
विस्फोटक सामग्री की सप्लाई और सुरक्षा व्यवस्था जांच के घेरे में
उमरखेड़ ब्लास्टिंग ट्रैक्टर हादसे के बाद अब जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि विस्फोटक सामग्री कहां से आई और उसे रखने व इस्तेमाल करने की अनुमति किसके पास थी। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों, विस्फोटक सामग्री और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस हादसे ने ब्लास्टिंग कार्य में सुरक्षा व्यवस्था, विस्फोटक सामग्री के रखरखाव और उसके परिवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी वजह और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे।
