Sonbhadra News: करमा पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में 118 किलो 670 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो कारों, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन और नकदी को भी जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये है, जबकि गांजा और अन्य सामान सहित कुल जब्ती का अनुमानित मूल्य करीब 95 लाख रुपये बताया गया है।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करमा थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन कथित गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद करने के साथ तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो वाहनों को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
ऑपरेशन शुद्धि के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल कर रहे थे, जबकि क्षेत्राधिकारी घोरावल राजेश कुमार राय के नेतृत्व में करमा थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
15 अक्टूबर की रात पुलिस टीम ग्राम करनवाह जाने वाले तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान हिन्दुआरी की तरफ से दो कारें आती दिखाई दीं। पुलिस को देखकर दोनों कारों के चालकों ने तिराहे से लगभग 50 मीटर पहले ही वाहन मोड़कर वापस जाने की कोशिश की। वाहनों की इस संदिग्ध गतिविधि से पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी कर रात करीब 11:15 बजे दोनों कारों को रोक लिया।
कारों में छिपाकर रखे गए थे गांजे के पैकेट
पुलिस ने दोनों वाहनों की तलाशी ली तो गांजा तस्करी का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, महिंद्रा एक्सयूवी-500 के पिछले हिस्से में स्टेपनी के नीचे गांजा छिपाया गया था। वहीं, मारुति सुजुकी ब्रेजा के पिछले और बीच वाले हिस्से में टेप से लिपटे छोटे-छोटे पैकेट रखे हुए थे।
तलाशी के दौरान इन पैकेटों से कुल 118 किलो 670 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजे की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दोनों कारों, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 8,280 रुपये नकद भी बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, गांजे और अन्य जब्त सामान का कुल अनुमानित मूल्य करीब 95 लाख रुपये है। दोनों वाहनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत कब्जे में लिया गया है।
ओडिशा से मीरजापुर ले जाई जा रही थी गांजे की खेप
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के एक व्यक्ति के कहने पर गांजे की खेप लेकर मीरजापुर जा रहे थे। वहां पहुंचकर उन्हें बताए गए लोगों को गांजा सौंपना था। आरोपियों के कथित बयान के अनुसार, गांजे और वाहनों की व्यवस्था भी उसी व्यक्ति ने की थी।
पुलिस के मुताबिक, खेप को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के बदले प्रत्येक आरोपी को 15 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। आरोपियों ने कथित तौर पर पहले भी गांजा पहुंचाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
करमा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई है:
- विश्वजीत बारिक उर्फ कानू (29 वर्ष) — निवासी पुराना जोल्डा, थाना जोल्डा, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा।
- रविन्द्र नायक (करीब 47 वर्ष) — निवासी गंजू बस्ती, सेक्टर-03, सुंदरगढ़, ओडिशा।
- मोहम्मद दानिश आलम (करीब 29 वर्ष) — निवासी रेलवे कॉलोनी, राउरकेला, थाना प्लांट साइट, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, करमा थाने में मुकदमा संख्या 199/2026 दर्ज किया गया है। मामला एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/27ए/29/60 के तहत दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब गांजे की आपूर्ति के वास्तविक स्रोत, मीरजापुर में खेप प्राप्त करने वाले संभावित खरीदारों और तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई में करमा थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल, एसओजी प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा, उपनिरीक्षक मनोज सिंह सहित करमा थाना और एसओजी के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
करमा पुलिस और एसओजी की इस संयुक्त कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि ओडिशा से गांजे की आपूर्ति कौन कर रहा था और मीरजापुर तक इसकी खेप पहुंचाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
