West Bengal News: अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा रानी पद्मावती के जौहर को कायरता बताए जाने वाले कथित बयान पर अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल के लिलुआ वर्कशॉप मैदान में चल रही हनुमंत कथा के दूसरे दिन उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर को लेकर टिप्पणी की और इसे कायरता मानने की बात का विरोध किया।
बागेश्वर महाराज ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि एक महिला ने रानी पद्मावती और जौहर को लेकर बयान दिया तथा जौहर को कायरता बताया। इसके जवाब में उन्होंने जौहर को वीरता, समर्पण और पति के प्रति अर्पण से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि भारतीय संस्कृति और जौहर की परंपरा को समझे बिना इस पर टिप्पणी कैसे की जा सकती है।
‘जौहर कायरता नहीं, वीरता और समर्पण है’
हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर महाराज ने कहा कि रानी पद्मावती का जौहर कायरता नहीं था। उन्होंने इसे वीरता और समर्पण से जोड़ते हुए कहा कि यह अपने पति के प्रति अर्पण की भावना थी।
उन्होंने अपने संबोधन में स्वरा भास्कर का नाम लिए बिना कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “तुम क्या जानो जौहर, संस्कृति को।” उनके इस बयान के बाद रानी पद्मावती, जौहर और भारतीय संस्कृति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
‘मेरी बातों से किसी को ठेस पहुंचे तो पहुंचे, हम सत्य बोलेंगे’
बागेश्वर महाराज ने कहा कि अगर उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंचती है तो पहुंचने दें, लेकिन वह अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने विचारों के अनुसार सत्य बोलते रहेंगे।
उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनाया जा रहा है। रानी पद्मावती के जौहर को लेकर इतिहास, संस्कृति और महिला साहस से जुड़े अलग-अलग विचार पहले भी सार्वजनिक बहस का हिस्सा रहे हैं।
लिलुआ में चल रही है हनुमंत कथा
बागेश्वर महाराज इन दिनों पश्चिम बंगाल के लिलुआ वर्कशॉप मैदान में हनुमंत कथा कर रहे हैं। कथा के दूसरे दिन उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ बंगाल में नवरात्रि को लेकर भी लोगों से आह्वान किया।
उन्होंने नवरात्रि के दौरान देवी प्रतिमा के आसपास मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं होने देने की बात कही। साथ ही उन्होंने ‘लव जिहाद’ को रोकने का भी आह्वान किया।
नवरात्रि को लेकर भी बागेश्वर महाराज का आह्वान
बागेश्वर महाराज ने कहा कि नवरात्रि के दौरान नवदुर्गा की प्रतिमाओं के आसपास नॉनवेज की बिक्री नहीं होनी चाहिए। उन्होंने धार्मिक आयोजनों और देवी पूजा के दौरान वातावरण को धार्मिक भावनाओं के अनुरूप बनाए रखने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने ‘लव जिहाद’ के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए इसे रोकने की बात कही। उनके इन बयानों से पश्चिम बंगाल में चल रही हनुमंत कथा के दौरान धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा और तेज हो गई है।
पद्मावती और जौहर पर बयान बना विवाद का केंद्र
रानी पद्मावती और जौहर को लेकर दिया गया कथित बयान इस पूरे विवाद का मुख्य केंद्र है। बागेश्वर महाराज ने जौहर को कायरता मानने वाली सोच का विरोध किया और इसे वीरता तथा समर्पण के नजरिए से देखने की बात कही।
उनके बयान के बाद एक बार फिर जौहर, रानी पद्मावती, इतिहास और भारतीय संस्कृति को लेकर सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक मंचों पर बहस छिड़ने की संभावना है। वहीं, स्वरा भास्कर के जिस कथित बयान को लेकर यह प्रतिक्रिया सामने आई है, उसके मूल संदर्भ और पूरे बयान को भी अलग से देखना महत्वपूर्ण है।
बागेश्वर महाराज के बयान पर बढ़ सकती है सियासी-समाजिक बहस
बागेश्वर महाराज के इस बयान में धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक परंपरा और सामाजिक मुद्दों का जिक्र एक साथ आया है। खास तौर पर जौहर को लेकर उनकी टिप्पणी और नवरात्रि के दौरान नॉनवेज बिक्री तथा ‘लव जिहाद’ को लेकर उनका आह्वान आने वाले समय में राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी जन्म दे सकता है।
फिलहाल लिलुआ वर्कशॉप मैदान में चल रही हनुमंत कथा के दौरान दिए गए इन बयानों की चर्चा तेज है और सोशल मीडिया पर भी इससे जुड़े वीडियो और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
